एक दूजे के लिए बने हैं कांग्रेस और करप्शन- मुख्तार अब्बास नकवी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ जमीन घोटाले में मुकदमा दर्ज होते ही सियासत शुरू हो गई है। राफेल डील पर बैकफुट पर आई मोदी सरकार को जैसे बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी सिलसिले में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कांग्रे कन्फ्यूज है पहले वह कहती थी कि रॉबर्ट वाड्रा का मामला व्यक्तिगत है, अब कांग्रेस का पूरा कुनबा, पूरी फौज उनकी मदद करने उतर आई है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। मामले की निष्पक्ष ढंग से जांच हो रही है। वहीं मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि कांग्रेस और करप्शन एक दूजे के लिए बने हैं।

बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा के स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड पर गुरुग्राम के सेक्टर 83 में 3.5 एकड़ जमीन ओंकरेश्वर प्रॉपर्टीज से वर्ष 2008 में 7.50 करोड़ रुपए में खरीदने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वाड्रा की कंपनी ने जिस वक्त जमीन खरीदी गई उस वक्त भूपेंद्र हुड्डा हरियाणा के मुख्यवमंत्री थे और उनके प्रभाव का वाड्रा की कंपनी ने लाभ उठाया। साल 2007 में मुख्यमंत्री हुड्डा के पास आवास एवं शहरी नियोजन विभाग भी था। इसका लाभ उठाते हुए स्काईलाइट ने बाद में हुड्डा के प्रभाव से कॉलोनी के विकास के लिए व्यावसायिक लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया। यह विवाद उस समय उठ खड़ा हुआ जब वाड्रा ने इस जमीन को डीएलएफ को 58 करोड़ रुपए में बेच दिया। इतना ही नहीं नियमों की अनदेखी कर गुरुग्राम के वजीराबाद में डीएलएफ को 350 एकड़ जमीन बेचने का भी आरोप है, जिससे इस रियल एस्टेट कंपनी को 5000 करोड़ रुपए का लाभ पहुंचा की आशंका जताई जा रही है।

इस मामले में अनियमितता को देखते हुए नूंह के सुरेंद्र शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा कि 2008 में सेक्टर 83 (शिकोहपुर) में भूमि सौदे में धोखाधड़ी हुई। वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी 2007 में एक लाख रुपए से शुरू हुई थी। 2008 में स्काईलाइट ने सेक्टर 83 में आंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ रुपए में साढ़े तीन एकड़ जमीन खरीदी। इसके लिए 7.5 करोड़ रुपए के चेक दिए गए थे, जो कभी भुनाए नहीं गए। जमीन घोटाले का शिकायतकर्ता सुरेंद्र शर्मा एफआईआर दर्ज होने के एक दिन पहले से गायब है।

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