बाबा भोले के दर पर रघुवर

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज पूरे विधि विधान के साथ श्रावणी मेला का उद्घाटन किया। ग्यारह पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा माहौल भक्तिमय दिखा। वहीं इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिले में 61 करोड़ की योजनाओं का भी शिलान्यास किया।
इससे पहले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सुबह बाबा मंदिर में पूजा की। भगवान शिव की आराधना के बाद रघुवर दास ने पूरे विधि विधान के साथ श्रावणी मेला उद्घाटन किया।
बाबा धाम में भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए सावन के पहले दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में लगी हुई है। श्रद्धालु 105 किलोमीटर से जल लाकर भोलेनाथ को चढ़ा रहे हैं। सुबह से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होने शुरू हो गए थे।
बताया गया कि इस सबसे उत्तम लिंग ज्योतिर्लिंग माना गया है और ज्योतिर्लिंग अथक साधना और ताप के बाद हासिल किया जाता है। रावण को भी यह मनोकामना लिंग बड़ी कठिन परिश्रम और तप के बाद मिला। इस मनोकामना लिंग का विशेष महत्व है। वैदिक कथाओं के अनुसार रावण के द्वारा शिवलिंग को लंका ले जाने के क्रम में यहां शिवलिंग स्थापित हो गया।
दूसरी तरफ ये चिता भूमि है, क्योंकि यहां शक्ति का ह्रदय कट कर गिरा था। ऐसे में ये पहले से ही तय था कि देवता शिव का शक्ति से मिलाप कराने में लगे थे और कहा जाता है सभी देवताओं ने मिलकर यहां बाबा बैद्यनाथ की स्थापना की थी।

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