सीएम ने पत्रकार दुर्ग सिंह मामले में दिए जांच के आदेश

बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित के खिलाफ पटना में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा और गिरफ्तारी का मामला तुल पकड़ने लगा है। इस पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। अब इसको लेकर सीएम नीतीश कुमार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। नीतीश कुमार ने पटना जोन के आईजी नैय्यर हसनैन खान को पूरे मामले की छानबीन कर रिपोर्ट देने को कहा है।
इस बीच अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून की गैर जमानती धारा में गिरफ्तार किए गए राजस्थान के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित के मामले में नया मोड़ आया है। पटना की एससी-एसटी अदालत में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाला राकेश पासवान नामक फरियादी अपने गांव से लापता है। पटना की एक अदालत शुक्रवार को दुर्ग सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करने वाली है।
जानकारी के अनुसार राकेश पासवान नालंदा के अस्थवां थाने के टेटुआ गांव का रहने वाला है। उसके पिता दशरथ पासवान ने बताया है कि जब से ये मामला प्रकाश में आया है, उसका बेटा गांव छोड़ कर कहीं चला गया है। उन्होंने दावा किया कि राकेश न कभी राजस्थान गया था और न ही उसने किसी व्यक्ति के खिलाफ एस-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। दशरथ पासवान ने कहा कि राकेश पटना के दीघा निवासी संजय सिंह के यहां नौकर था और उसी ने किसी कागज पर राकेश से दस्तखत करा लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि संजय सिंह बालू का बड़ा कारोबारी है।
उधर पत्रकार दुर्ग सिंह के पिता गुमान सिंह से कहा कि उनका बेटा पैदा होने से लेकर अब तक बाड़मेर में ही रहा और वहीं एक कंपनी के लिए काम करता था। उन्होंने कहा, "न मैं न मेरा किसी संजय सिंह या राकेश पासवान को जानता है। ये मेरे लिए हैरान करने वाला मामला है। दुर्ग सिंह का पटना से कोई वास्ता भी नहीं रहा। अचानक बाड़मेर पुलिस ने उसे पकड़ लिया और सड़क के रास्ते पटना लाकर बिहार पुलिस के हवाले कर दिया। तभी हमें किसी मुकदमे का भान हुआ। "
अदालत से जारी अरेस्ट वारंट की कॉपी है जो दुर्गेश सिंह, पिता गुमान सिंह के खिलाफ नौ जुलाई को जारी किया गया है। 20 अगस्त को दुर्ग सिंह राजपूत पटना लाए गए। 22 अगस्त को एससी-एसटी अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
हालांकि दुर्ग सिंह के वकीलों ने जल्दी जमानत के लिए याचिका लगाई जिस पर आज मनोज कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई होगी। ये देखना दिलचस्प होगा कि दस्तावेजों को मुताबिक केस दर्ज कराने वाला राकेश पासवान अदालत में हाजिर होता है या नहीं।
अदालती दस्तावेज के मुताबिक राकेश पासवान ने 31 मई को दुर्गेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दायर किया।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *