पूंजीपतियों को बिना गारंटी पैसा लूटा रही केंद्र सरकार :राजद

राजद ने पीएनबी घोटाले का मामला उजागर होने का बाद केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया है, और सरकार द्वारा पूंजीपतियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। राजद प्रवक्ता और विधायक डॉ रामानुज प्रसाद यादव एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य अरूण कुमार ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि भाजपा एवं संघ के इशारे पर देश के बैंक गरीब जनता का पैसा पूंजीपतियों को बिना गारंटी के लूटा रही है, और मोदी राज में बैंकों का कर्ज पचा कर बैंकों एवं देश की अर्थव्यवस्था को दिवालिया बनाने का और जमाकर्त्ता को कंगाल बनाने का खेल 2015 से चला आ रहा है।

2015-2017 तक बैंकों ने जो सूची जारी की है। उसमें एसबीआई 2466 बैंक ऑफ बड़ौदा 782 बैंक ऑफ इंडिया 527 पीएनबी 471 यूनियन बैंक 468 इंडियन ओवरसीज बैंक 342 कैनरा बैंक 327 ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स 297 आईडीबीआई 292 कॉरपोरेशन बैंक 291 इंडियन बैंक 261 यूको बैंक 231 यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया 225 बैंक ऑफ महाराष्ट्र 170 आंध्र बैंक 160 इलाहाबाद बैंक 130 विजया बैंक 114 देना बैंक 105 पंजाब और सिंध बैंक 58 फ्रॉड के मामले सामने आए हैं।

कुल मिलाकर 2015-17 में बैंक फ्रॉड के 8748 मामले प्रकाश में आये हैं, जो देश भर के बैंकों के लिए चिंता का विषय है, देखा जाए तो प्रतिदिन 8 बैंक फ्रॉड के मामले विगत तीन वर्षों से हो रहे हैं। 2015 में सबसे ज्यादा 8243 बैंक फ्रॉड के मामले उजागर हुए। वहीं 2016 में 2789 एवं 2017 में 2716 बैंक फ्रॉड के मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि क्रेडिट इंफारमेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया के मुताबिक 111738 करोड़ का चूना बैंकों को लग चुका है। फिर भी सरकार इन बड़े लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, और उसे भागने दे रही है उधर सरकार बैंकों को मदद कर रही है। और अपनी बैलेंस सीट से अरबों रुपए के कर्जदारों को हटाया जा रहा है।

राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार पूंजीपतियों को ज्यादा अमीर और गरीबों को ज्यादा गरीब बना रही है। साथ ही सरकार को चेताया कि समय रहते बैंक फ्रॉड को नहीं रोकती है तो देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बरबाद हो जाएगी।

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