निशिकांत दुबे के खिलाफ साहेबगंज कोर्ट में केस दर्ज

गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ साहेबगंज के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बजरंगी प्रसाद यादव ने पिछड़ा वर्ग एवं आदिवासी महिलाओं का मानहानि करने तथा अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज कराया। दर्ज मुकदमे में दुबे पर आरोप लगाया है कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में सांसद द्वारा जो अनुचित कार्य किया गया है, वह भारतीय दंड विधान की नजर में एक अपराध है।

बजरंगी प्रसाद यादव ने अधिवक्ता जर्नादन प्रसाद साह के माध्यम से भादवि की धारा 499, 500, 501 और 502 व 3 एससी-एसटी एक्ट के तहत शिकायतवाद दायर की है। आगे की सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तिथि तय हुई है।

कांग्रेसी नेता का आरोप है कि पिछले दिनों में गोड्डा में एक कार्यक्रम के दौरान पिछड़ा वर्ग के बीजेपी कार्यकर्ता पवन कुमार साह से सांसद ने पैर धुलवाया और उस पानी को पवन ने चरणामृत के रुप में पीया। इस घटना से पिछड़ा वर्ग अपमानित हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी पिछड़े वर्ग से हैं, इसके बावजूद पिछड़ा वर्ग के लोग के साथ इस तरह का अपमान होने के बाद भी पार्टी की ओर से सांसद पर कोई कार्रवाई नहीं होना आश्चर्यजनक है।

बजरंगी यादव ने कहा कि निशिकांत दुबे ने इस तरह की हरकत अपने को श्रेष्ठतम साबित करने का प्रयास किया है। इस शर्मनाक घटना के लिए माफी मांगने के बजाय सांसद सोशल मीडिया फेसबुक के सहारे यह दलील दे रहे हैं कि क्या आदिवासी महिलाएं अन्य कार्यक्रमों में लोगों का चरण नहीं धोती हैं। क्या महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने ऐसा नहीं किया। ऐसा कहकर सांसद ने न सिर्फ पिछड़ा वर्ग के लोगों को अपमानित किया है, बल्कि आदिवासी महिलाओं की प्रतिष्ठा और भगवान श्रीकृष्ण की छवि भी धूमिल की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि निशिकांत दुबे की ये हरकत और दलील उनके मनुवादी सोच को दर्शाती है, जिसे समाज का दलित, पिछड़ा व आदिवासी वर्ग कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

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