किसानों, नौजवानों को धोखा देने वाला बजटः प्रदीप यादव

-सीएम ने सलाह सबसे लिया पर माना सिर्फ सीएस का

प्रदीप यादव ने विधान सभा में बुधवार को पत्रकारों से कहा कि 23 जनवरी को सरकार ने जो बजट पेश किया वो जनता को धोखा देने वाला, किसानों को धोखा देने वाला, युवाओं को धोखा देने वाला बजट है। यह बजट जनता को छलने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार झूठी वाहवाही बटोर रही है, ताकि जनता उनकी भूलों को भूल जाए। सीएम बार-बार कहते हैं कि पिछली सरकारों ने राज्य के लिए कुछ नहीं किया है और हम जादूगर के रूप में आये है और कायाकल्प कर रहे हैं। प्रदीप यादव ने बताया कि सबसे अधिक सरकार में रहने का मौका रघुवर दास को मिला है और उन्हें सबसे अधिक बार बजट पेश करने का मौका भी मिला है। मुख्यमंत्री ने बजट अपने अनुसार बनाया है। इस बार के बजट का परिणाम भी पिछले बार के बजट जैसा ही होना है।

प्रदीप यादव ने कहा कि 2017-18 में जनवरी में बजट पेश करने कि घोषणा की थी। इसके पीछे कारण यह है कि राशि ससमय खर्च हो सके। लेकिन अभी तक पूरे वित्तीय वर्ष का मात्र 52 प्रतिशत ही खर्च हुए है। 142 घोषणाओं में से मात्र 121 घोषणाएं पूर्ण हुई हैं। जिसमें मात्र 52- 53 प्रतिशत की राशि बजट का खर्च किया गया है। पूरे बजट का लगभग 50 प्रतिशत राशि खर्च कर 85 प्रतिशत योजनाओं को पूरा करना पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल की तरह है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद सरकार को 6000 करोड़ की राशि लोन के तौर पर मिली थी। जो आज 75000 करोड़ हो गयी है और जल्द ही राज्य पर एक लाख करोड़ का कर्ज हो जायेगा।

ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग के विषय में बोलते हुए जेवीएम विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रावधानित राशि 1786 करोड़ थी जो 2017-18 में 1687 करोड़ हो गयी वहीं 2018-19 में प्रावधानित राशि 1685 करोड़ हो गयी है। ग्रामीण विकास विभाग में वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रावधानित राशि 3820 करोड़ थी जो 2017-18 में 2890 करोड़ हो गई और वित्तीय वर्ष 2018-19 में इसे 3405 करोड़ कर दिया गया। इसका मतलब यह है कि आवंटित राशि का मापदंड अच्छे तरीके से नहीं बनाया गया यदि ऐसा होता तो 2016-17 के मुकाबले 2018-19 में यह राशि कम क्यों होती।

कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में प्रावधानित राशि 1884 करोड़ तय किया गया था जबकि 2018-19 में इसे 1827 करोड़ कर दिया गया। प्रदीप यादव ने कहा कि इतनी राशि के प्रावधान के बावजूद राज्य में इतने किसानों ने आत्महत्या की कई लोग भूख से मरे। तो 2018-19 के प्रावधानित राशि का परिणाम क्या होगा सरकार बताये। उन्होंने कहा कि इस बार रक्षा विश्वविद्यालय की सीट कम हो गयी है। 31 बच्चे जिन्हें मद्रास में रोजगार मिला वो लौट आये है। एक छात्र अंकित कच्छप ने पत्र में लिखा कि उसे मद्रास में सुपरवाइजर के नाम पर गार्ड की नौकरी मिली थी। 12 पॉलिटेकनिक में प्राचार्य ही नहीं हैं।

स्वास्थ्य में इस बार अधिक पैसे दिये गये हैं। तीन वर्ष में तीन मेडिकल कॉलेज बंदी के कगार पर हैं। घनबाद का पीएमसीएच बंदी के कगार पर है। झूठे प्रचार के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग का बजट बढ़ा है। बजट पूर्व सलाह लेने के मुद्दे पर प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री पर चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने आमजनों से सलाह लेने का काम शुरू किया। उसके बाद लगातार सलाह ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सलाह तो सब से लिया लेकिन माना सिर्फ मुख्य सचिव का। क्योंकि सबसे अधिक प्रेम उन्हें मुख्य सचिव से ही है।

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