नीतीश सरकार के रवैये से नाराज है BJP!

बिहार में पिछले दिनों रामनवमी के दौरान हुई हिंसा और झड़प की घटनाओं को लेकर अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बता दें कि नीतीश कुमार ने दंगे के दौरान क्षतिग्रस्त मस्जिद को बनाने के लिए मुआवजे सहित अन्य सुविधाएं देने की घोषणा की थी। वहीं उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश को वे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

बहरहाल, बीजेपी ने सीएम नीतीश के इस बयान के बावजूद अपना तेवर बदल लिया है। बीजेपी ने प्रशासन पर विभिन्न जिलों में हाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद बहुसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार, राज्य विधानसभा में मुख्य सचेतक अरुण कुमार सिन्हा, विधायक संजीव चौरसिया और मीडिया प्रभारी पंकज सिंह के शिष्टमंडल ने इस बावत बकायदा एक ज्ञापन पुलिस महानिदेशक के.एस. द्विवेदी को दिया है। यह कहा गया है कि औरंगाबाद, नालंदा और समस्तीपुर जैसे जिलों में बहुसंख्यक समुदाय ने अल्पसंख्यक समुदाय के असामाजिक तत्वों की उकसावे की कार्रवाइयों के बाद ही आक्रमण किया। वहीं बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि ‘रामनवमी के आसपास हुई घटनाओं के बाद बड़ी संख्या में बहुसंख्यक समुदाय के लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि प्रशासन ने अल्पसंख्यकों के प्रति नरमी बरती।’

बीजेपी नेताओं के इस आरोप से जहां एक ओर जदयू सकते में हैं वहीं विपक्ष को भी बैठे-बिठाए नीतीश सरकार को घेरने का एक और मौका मिल गया है। कहा जा रहा है कि अगर बीजेपी ने ये तेवर बनाए रखा तो बिहार में आने वाले दिनों में एनडीए गठबंधन सरकार पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि बीजेपी नेताओं के इस कदम के बाद किसी बड़े नेता का कोई बयान नहीं आया है। लेकिन जानकारों की मानें तो बीजेपी नीतीश कुमार पर अपना दबाव हर हाल में बनाए रखना चाहती है।

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