बीजेपी, संघ मेरे खिलाफ कर रहे साजिशः जिग्नेश

दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने कहा है कि बीजेपी और संघ उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं, जानबूझकर उन्हें फंसाया जा रहा है. क्योंकि ये जानते हैं कि आनेवाले दिनों में उनकी पोल खुलने वाली है. उन्होंने कहा कि दलितों के खिलाफ लगातार हिंसा हो रही है. इसके खिलाफ अगर दलित शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकाल रहे हैं, तो इसमें गलत क्या है. उन्होंने प्राधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि देश के कई हिस्सों में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, उस पर पीएम मोदी क्यों नहीं कुछ बोलते हैं. वे चुप क्यों हैं.

मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महाराष्ट्र हिंसा पर बयान देने की मांग की. उन्होंने कहा कि देश में दलित सुरक्षित नहीं हैं. प्रधानमंत्री की दलितों के प्रति कोई प्रतिबद्धता है या नहीं. खुद को अंबेडकर का भक्त बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जुबान खोलें. दलित नेता ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वेमुला, ऊना, सहारनपुर और अब भीमा-कोरेगांव में दलितों को निशाना बनाया गया है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी साधे हुए हैं. समय आ गया है कि केंद्र अपनी स्थिति साफ करें. भीमा कोरेगांव में दलित शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे थे, जब उन पर हमला किया गया.

इससे पहले मेवाणी ने ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी है कि वो आज दिल्ली आ रहे हैं, भीमा-कोरेगांव हिंसा और खुद पर लगे आधारहीन आरोपों पर वह प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं. उन्होंने लिखा, "दिल्ली में 1 बजे प्रेस क्लब में भीमा-कोरेगांव हिंसा और अपने पर लगे आरोपों का जवाब दूंगा.” मुंबई पुलिस की ओर से मेवाणी को रैली की इजाजत नहीं मिलने के बाद जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के छात्रनेता उमर खालिद के समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की. ये दोनों नेता बतौर वक्ता छात्र भारती के कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे. इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया.

इससे पहले भीमा-कोरेगांव हिंसा के मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के छात्रनेता उमर खालिद पर केस दर्ज कर दिया. दोनों पर हिंसा भड़काने का आरोप है. दोनों पर सेक्शन 153(A), 505, 117 के तहत पुणे में एफआईआर दर्ज की गई है. इन दोनों पर पुणे में हुए कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.

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