SC/ST के साथ हमेशा खड़ी रही है पार्टीः BJP

बीजेपी दलितों और आदिवासियों के हितों और अधिकारों के लिए हमेशा समर्पित रही है। बीजेपी सरकार के प्रयास से ही देश के महान सपूत डॉ भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न मिला और उनकी तस्वीर भी संसद में लगाई गई। कांग्रेस ने तो उनकी विरासत को मिटाने का प्रयास किया था। कांग्रेस के छल-प्रपंच की राजनीति से क्षुब्ध होकर डॉ अंबेडकर ने पंडित नेहरू की कैबिनेट से इस्तीफा भी दे दिया था। अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तब पहली बार ट्राइबल मिनिस्ट्री का गठन हुआ था। हाल के दिनों में सर्वोच्च न्यायालय में एक फैसले के जरिए एसटी, एससी एट्रोसिटीज एक्ट में कुछ परिवर्तन करने का निर्देश दिया था। इस मुकदमे में भारत सरकार पार्टी भी नहीं थी। मुकदमे की निर्णय का विस्तार से अध्ययन करने के बाद भारत सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका डालते हुए कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं है। भारत सरकार ने अदालत से आग्रह भी किया है कि सर्वोच्च न्यायालय अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। ये बातें बीजेपी एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पासवान, एसटी मोर्चा उपाध्यक्ष अशोक बड़ाईक और प्रदेश प्रवक्ता ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से कही।

उन्होंने कहा कि मुद्दाविहीन हुआ विपक्ष जबरदस्ती चीजों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अचानक अपने आप को दलित और आदिवासियों के समर्थक के रूप में पेश करने के झूठे प्रयास में जुट गए हैं। कल के बंद के दौरान जिस तरीके से असामाजिक तत्वों ने छात्र छात्राओं के बीच में घुसकर पूरे शहर को अशांत करने की कोशिश की, यह पूरी घटना बहुत ही निंदनीय है । हिंसा वाले स्थल पर कांग्रेस के बड़े नेताओं की उपस्थिति भी एक बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करती है। यह सारा खेल विपक्ष के द्वारा फैलाए गए दुष्प्रचार के कारण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कल की हिंसा की घटना पूरे तरीके से दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्षी दल घटिया स्तर की राजनीति पर उतर गए हैं। और अब भोले-भाले छात्र-छात्राओं को भड़काकर और गलत तथ्यों को सामने रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में लग गए हैं। बीजेपी एक बार फिर से यह स्पष्ट करती है कि दलित और आदिवासी समुदाय की असली हितैषी वही है। जनता भी इस बात को समझती है इसलिए लोकसभा में सबसे ज्यादा एसटी,एससी सांसद बीजेपी के ही हैं। जनता विपक्ष के इस नापाक प्रयास को सफल नहीं होने देगी। जयपाल सिंह मुंडा जी की पार्टी को कांग्रेस ने यह कहकर समर्थन लिया था की झारखंड राज्य अलग देंगे। लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं कर उनके साथ विश्वासघात करने का काम किया। पीवी नरसिंवा राव जी के समय झामुमो ने अलग झारखंड राज्य आंदोलन को पैसे से बेचकर झारखंड को छलने का काम किया है।

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