बीजेपी एमएलए ने कहा वसुंधरा का नेतृत्व स्वीकार नहीं

राजस्थान में वसुंधरा राजे की सरकार पर भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी के हमले जारी हैं. उन्होंने शुक्रवार को एक बार फिर बागी सुर अपनाते हुए कहा कि कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नेतृत्व ना ही उन्हें स्वीकार है और ना ही राजस्थान को. बाड़मेर में रिफाइनरी के शिलान्यास पर भी तिवाड़ी ने निशाना साधते हुए कहा कि पहले कांग्रेस और भाजपा धोखा दे रहे थे और अब दोनों प्रदेश की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रिफाइनरी पर श्वेत पत्र जारी होना चाहिए. इतना ही नहीं राजस्थान में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में घनश्याम तिवाड़ी ने अपनी कमर कस ली है. उन्होंने कहा कि जल्द ही वे अपनी पार्टी लेकर आ रहे हैं, जिसकी घोषणा मकर सक्रांति पर करेंगे. उन्होंने कहा, 'पार्टी को लेकर निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है.'

भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने एक बार फिर सरकार पर हमला करते हुए इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों को रिफाइनरी के मामले में आड़े हाथ लिया है. तिवाड़ी ने कहा है कि दोनों ही दल राजस्थान की जनता के साथ धोखा कर रहे है. कांग्रेस ने तो आचार संहिता लगने के 13 दिन पहले इसका शिलान्यास किया. वहीं भाजपा सरकार ने चार साल तक इसमें कोई कदम उठाने की बजाय, अब जब जाने का वक्त आ गया है. तब शिलान्यास करवा रही है. इसके लिए श्वेत पत्र जारी होना चाहिए. बाड़मेर में रिफाइनरी का शिलान्यास करने के लिए 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे है. इससे पहले भाजपा विधायक का यह बयान भाजपा में हलचल पैदा कर सकता है.

रिफायइनरी के साथ-साथ घनश्याम तिवाड़ी ने सीएम वसुंधरा राजे पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा के महामंत्री अरुणसिंह गत दिनों जयपुर में कहकर गए है कि भाजपा वसुंधरा राजे के नेतृत्व में काम करेगी, लेकिन उन्हें और राजस्थान की जनता को यह नेतृत्व मंजूर नहीं है. ऐसे में उन्होंने राजस्थान में जो लोकसंग्रह अभियान शुरू किया था उसका समापन 14 जनवरी को मकर सक्रांति के दिन होगा. इस दिन राजस्थान की नई पार्टी और शक्ति का ऐलान किया जाएगा. वहीं नए दल को लेकर निर्वाचन आयोग में प्रक्रिया चल रही है. उसका भी इंतजार किया जा रहा है. राजस्थान में तीन जगहों पर उप चुनाव है. जिसमें दो लोकसभा और एक विधानसभा सदस्य के चुनाव हो रहे हैं. ऐसे में इन चुनावों को लेकर भी तिवाड़ी ने कहा कि वे कोई ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखते, लेकिन जनता को उन्होंने कुछ मुद्दे दिए हैं. उन पर वोट करने की अपील जरूर करेंगे.

विधानसभा चुनावों के लिए भी अब 2018 का साल शुरू हो गया है. इस साल के अंत तक चुनाव होने है. ऐसे में भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी के तेज हो रहे हमलों का रास्ता भी भाजपा को खोजना होगा. साथ ही रिफाइनरी मामले में पहले पूर्व सीएम अशोक गहलोत के आरोप और बाद में पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक की टिप्पणी ने कार्यक्रम को विवादों में जरूर ला दिया है.

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