BJP, Congress दोनों को है क्रॉस वोटिंग से खतरा !

झारखंड में 23 मार्च को राज्यसभा की दो सीटों के लिए होनेवाले चुनाव की पटकथा लिखी जा रही है। सत्तापक्ष और विपक्ष अपने-अपने खेमे को मजबूत करने में जुटा है। देखा जाय तो तीन प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से ये चुनाव रोचक हो गया है। सत्तापक्ष जहां एक ओर अपने दूसरे प्रत्याशी प्रदीप सोंथालिया की जीत के दावे कर रहा है वहीं विपक्ष ने भी धीरज साहू के लिए अपने खेमे के हर विधायक पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि विपक्ष ने इसे लेकर सभी छोटे दलों या उनके विधायकों के साथ बैठकर बातचीत नहीं की है। जिससे विपक्षी कैंडिडेट की जीत खतरे में पड़ सकती है। वहीं जानकारों का कहना है कि विपक्षी गोलबंदी से झाविमो की दूरी भी खेल बिगाड़ सकती है। उधर, लेफ्ट और बीएसपी के विधायक ने भी विपक्ष में कोऑर्डिनेशन की कमी की बात कही है। हालांकि कांग्रेसी नेता इस बात से इनकार करते हैं उनका कहना है कि सभी प्रमुख दलों के नेताओं से लगातार संपर्क किया जा रहा है। झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी तो सोनिया की डिनर पार्टी में भी शामिल हुए हैं।

उधर, सत्ताधारी बीजेपी ये मान कर चल रही है कि 2016 की चुनाव की तरह ही वह इस बार भी अपने दूसरे प्रत्याशी को राज्यसभा भेजने में कामयाब होगी। दूसरे सीट के लिए उसे छोटे दलों पर भरोसा है। लेकिन इन सब के बीच कहा जा रहा है कि एनडीए फोल्डर के कुछ विधायक भी हाल की कुछ घटनाओं से नाखुश हैं और हो सकता है कि अंतिम वक्त में अपना फैसला बदल दें। बता दें कि स्थानीय नीति और नियोजन नीति के मुद्दे पर 24 विधायकों ने अपनी ही सरकार को घेर लिया था। कहा जा रहा है कुछ तो खिचड़ी जरूर पक रही है वर्ना कांग्रेस प्रत्याशी धीरज साहू ने क्यों कहा कि एनडीए के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं और उनके पक्ष में क्रॉस वोटिंग करेंगे।

बहरहाल, बीजेपी ने दूसरे प्रत्याशी प्रदीप सोंथालिया को उतारकर राज्यसभा चुनाव को दिलचस्प तो बना ही दिया है, साथ ही विपक्ष को भी अपने खेमे को सुरक्षित रखने को लेकर चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि कांग्रेसी प्रत्याशी को जीत के लिए हर हाल में क्रॉस वोटिंग रोकनी होगी।

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