भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष थे अटल जी: रघुवर दास

देश के महान सपूत अटल जी के आदर्श और जीवन के प्रति जो उनका रूख था, वह आज भी प्रेरणा प्रदान करता है। अटल जी जैसी विभूतियाँ पृथ्वी पर सदियों में कभी-कभी ही जन्म लेती है। वे कर्मयोगी थे। अटल जी कुशल राजनेता, प्रभावशाली वक्ता और साहित्यकार भी थे। अटल जी हिन्दुस्तान के एक मात्र ऐसे वक्ता थे, जो सड़क से लेकर संसद तक के श्रोताओं को समान रूप से प्रभावित करते थे।

अटल जी का भाषण केवल सुना नहीं जाता, देखा जाता था। वे कभी अपनी आँखें बंद कर लेते थे और देश के श्रोताओं की आँखें खोल देते थे। आवाज में उतार-चढ़ाव करना कोई उनसे सीखें।

भारतीय राजनीति के शिखर पुरूष भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के प्रथम अध्यक्ष श्रद्धेय वाजपेयी एक ऐसे व्यक्ति थे, जिनके बिना भारतीय राजनीति की कल्पना भी अधूरी लगती है। वो सबको जोड़ने वाले व्यक्तित्व थे। राष्ट्रीय स्तर पर देश भर के सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं का श्रद्धांजलि देना प्रमाणित करता है कि अटल जी का व्यक्तित्व कैसा था। आज इस सभागार में भी सभी दलों के प्रमुख नेता, धार्मिक-सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारीगण, वरिष्ठ संपादक-पत्रकारगण की उपस्थिति इसी का प्रमाण है। अटल जी का जीवन एक समर्पित जीवन था। शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण उन्होंने राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया था। वह संगठन के सर्वोच्च पद पर रहे। वे विदेश मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री पद पर रहें, उन्हें पद का मद, घमंड कभी नहीं हुआ।

अटल जी का झारखण्ड के साथ अनगिनत यादें जुड़ी हुई हैं। राज्य में दो बार वर्ष 1988 और 2004 में कार्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। वर्ष 2004 में वनवासी कल्याण केन्द्र के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। मेरे निर्वाचन क्षेत्र जमशेदपुर में चुनाव प्रचार के लिए 9 फरवरी, 2000 को बारी मैदान और दूसरी बार 2005 में साकची में पधारे। झारखण्ड के साथ उनका काफी लगाव था, जिसके कारण राज्य के अनेक जिलों में उनका प्रवास हुआ।

12 सितम्बर 1999 में राँची चुनावी सभा में बोले थे कि आपको संसद में हम वनांचल, झारखण्ड राज्य देंगे। प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद भी उनकी कथनी और करनी एक ही बनी रही। इसका प्रमाण है - झारखण्ड राज्य का निर्माण।

हम आज उनके प्रति अपनी सच्ची श्रद्धांजलि समर्पित करते हैं। उनके सपनों का झारखण्ड हम बनाए, यह हमारा कर्त्तव्य है। उनके सपनो को साकार करें, यह हमारे लिए एक अवसर है। हम इस कार्य में सफल होंगे। राज्य की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से राज्य के जनक श्रद्धये अटल बिहारी वाजपेई जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
आप सभी का धन्यवाद। आप सभी श्रद्धांजलि में आए।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *