अशोक चौधरी की पार्टी से विदाई तय

बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष काकब कादरी ने बुधवार (11 अक्टूबर) को कहा कि अशोक चौधरी सहित अन्य पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा आलाकमान से जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर करेगी। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में गत नौ अक्तूबर को आयोजित नव-निर्वाचित प्रदेश प्रतिनिधियों के सम्मेलन के दौरान पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कादरी ने कहा कि चौधरी सहित अन्य पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर करेगी।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी और उनके समर्थकों द्वारा हंगामा की जांच के लिए पूर्व राज्यमंत्री ज्योति की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया था जिसके द्वारा एक सप्ताह के भीतर रिपार्ट पेश की जाएगी।
कादरी ने कहा, ‘‘चौधरी द्वारा जिस प्रकार से निरंतर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है तथा जिस तरह की शैली और भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और जिस तरह से पार्टी कार्यकर्ताओं तथा मीडिया को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं उसे मैंने संज्ञान में लिया है।’’ कादरी ने चौधरी के उन पर पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिए जाने पर राकांपा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा में शामिल हो जाने के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि यह उनकी बीमार मानसिकता का परिचायक है। कादरी ने कहा कि वे चौधरी के कार्यकाल में बनी समिति में उपाध्यक्ष के पद पर उस समय तक आसीन रहे, जब तक वे अध्यक्ष पद से हटाए नहीं गए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल राजद और कांग्रेस से गत जुलाई महीने में नाता तोड़कर भाजपा के साथ मिलकर राजग की सरकार बना लिए जाने के बाद से कांग्रेस विधायकों के एक गुट के टूटकर जदयू में शामिल होने की चर्चाओं के बीच पार्टी आलाकमान द्वारा तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष अशोक चौधरी को हटाकर कादरी को पार्टी की प्रदेश इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

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