अर्जुन की चुप्पी पड़ रही भारी

इन दिनों अर्जुन मुंडा ख़ामोशी की राजनीति कर रहे हैं। अपनों के बीच तो खूब बोलते हैं लेकिन सार्वजनिक मंचों पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। ऐसा भाजपा अध्यक्ष के दौरे के बाद से हुआ है। इसे लेकर राजनीतिक पंडित तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन दिवसीय झारखण्ड दौरे पर रांची आये। मिशन 2019 को लेकर पार्टी, संगठन और विभिन्न क्षेत्र के नुमाइंदों से खूब मंथन किया। तीन दिनों तक राजधानी में भाजपा कार्यकर्ता दिन-रात अमित शाह की खातिरदारी में जुटे रहे। इस बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई मिलजुलकर काम करने यानि टीम स्पिरिट और टीम वर्क की बात हुई। सभी नेता- मंत्रियों ने अपने खट्टे-मीठे अनुभव राष्ट्रीय अध्यक्ष के समझ साझा किये। कुछ नेता तो यहीं भांपने की कोशिश करते रहे कि अपनी दिली ख्वाहिश कैसे शेयर की जाय। कुछ लोगों को वक्त मिला, कुछ हमेशा की तरह महरूम रहे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष दौरे में विमर्श से ज्यादा उद्घाटनों में व्यस्त रहे, चिरपरिचित अंदाज में सोशल इंजीनियरिंग का धागा पिरोते दिखे। सबकुछ ठीक-ठाक गुजरे इसकी कवायद भी राज्य के मुखिया रघुवर दास जी ने कर रखी थी। लिहाजा सब चीजें तो मन मुताबिक ही चलीं। भले ही पुराने मुखिया अर्जुन मुंडा जी बेआबरू होकर मंच से उतरे। अंदर खाने तो चर्चा जोर-शोर से हो रही है कि सारा प्लाट फिक्स था। औकात दिखानी थी। दिखा दी, जो होगा वह देखा जायेगा। कॉन्फिडेंस इतना था कि उस बड़े आयोजन में मौजूद लोग भी हक्का- बक्का देखते रह गये। विश्वास ही नहीं हुआ कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का ऐसा करारा चोट दिया जाएगा।

अर्जुन मुंडा ने खुद को संभाला। मन-मसोसकर कार्यक्रम में बने रहे। हालांकि इसबीच उनका मान- मनौव्वल भी हुआ पर फिर मंच पर नहीं गये। स्थिति को संभालने की अमित शाह ने कोशिश की लगातार उन्हें अपने साथ रखा। लेकिन मुख्यमंत्री रघुवर दास की पूरी स्ट्रेटजी ही फेल हो गयी। दूसरे दिन सारे अखबारों में अर्जुन मुंडा की खबर सुर्खियों में रही। खबर ने पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं सहित आम लोगों की भी सहानुभूति बटोरी। इसका नजारा सोशल मीडिया पर खूब देखा गया। आखिरकार इस शह और मात के खेल में अर्जुन मुंडा ने अपनी करारी हार को भी जीत में बदल दिया, कद तो बढ़ाया ही, रघुवर को बुरी तरह चित कर दिया, वो भी अपनी चुप्पी से, अपने धर्य से।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *