क्या बीजेपी छोड़ने के मूड में हैं अर्जुन मुंडा!

सूबे में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है, विपक्ष जहां एक ओर भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है वहीं दूसरी ओर बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के बयान से सरकार और संगठन दोनों सकते में है। पिछले करीब साढ़े तीन सालों तक चुप रहे अर्जुन मुंडा ने आखिरकार बोलना शुरू कर दिया है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर ही सवाल उठा दिया है। खुलकर कहा है कि सरकार और आम जनता के बीच संवाद नहीं हो रहा है। इसी कारण झारखंड का एक बड़ा समुदाय बीजेपी सरकार के खिलाफ हो गई है।

बहरहाल, राजनीतिक विश्लेषक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अर्जुन मुंडा की बेबाकी के पीछे की असली वजह क्या है, क्या मुंडा ने सिर्फ पार्टी को संभलने भर की ताकीद की है या उन्होंने कोई और फैसला किया है। जानकारों की मानें तो रघुवर सरकार बनने के बाद अर्जुन मुंडा हाशिए पर धकेल दिए गए हैं ये बात पार्टी के अंदर और बाहर हर किसी को पता है। जिस प्रकार उन्हें सार्वजनिक मंचों पर छोटा दिखाने की कोशिश हुई है उससे कई बार सियासी हलकों में जोरदार चर्चा भी हुई है। इन सब के बीच अर्जुन मुंडा ने कभी अपनी नाराजगी का इजहार नहीं किया बल्कि उन्होंने देश के कई राज्यों गुजरात, त्रिपुरा में पार्टी के स्टार प्रचारक के तौर पर प्रचार भी किया।

लेकिन जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं उनके बयान से लगता है कि वे पार्टी के अंदर जो कहना चाहते हैं या कह रहे हैं उसे नहीं सुना जा रहा या उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो अर्जुन मुंडा को लेकर जिस प्रकार की बातें सियासी गलियारे में हो रही हैं कि बीजेपी से उनका मोहभंग हो रहा है और वे किसी दूसरी पार्टी का रुख कर सकते हैं इससे बीजेपी को तो नुकसान होगा ही इसके साथ ही झारखंड के एक बड़े समुदाय के लिस्ट से वह गायब हो सकती है। और इसका सीधा फायदा विपक्ष को होगा जबकि बीजेपी को इस नुकसान से उबरने में लंबा वक्त लगेगा।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *