लालू पर फैसला टला, सजा का ऐलान जनवरी 6 को

चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में लालू की सजा पर फैसला एक बार फिर टल गया है. सजा पर फैसला शनिवार को दोपहर दो बजे आएगा. सारे दोषियों की सुनवाई के बाद जज शिवपाल सिंह फैसला सुनाएंगे. शनिवार को छह दोषियों की सुनवाई होगी. शुक्रवार को राजा राम जोशी और महेश प्रसाद की भी सुनवाई पूरी हो गई. आज अब कोई सुनवाई नहीं होगी.

इससे पहले लालू यादव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई. राजद नेता की सजा पर सुनवाई शुरू हुई और 5 मिनट में सुनवाई पूरी हो गई. लालू के वकीलों ने कहा कि लालू को जिन धाराओं में दोषी करार दिया गया है, उसमें एक साल की सजा का भी प्रावधान है. ऐसे में उन्हें न्यूनतम सजा दी जाए. लालू के वकील ने कोर्ट के सामने लालू की खराब सेहत का हवाला दिया.

वकीलों ने कहा कि लालू को किडनी की बीमारी है, डायबिटीज के मरीज है और उनका दिल का ऑपरेशन भी हो चुका है. लालू के वकीलों ने लालू के लिए कम से कम सजा की मांग की. इधर जगदीश शर्मा और आरके राणा के अतिरिक्त अन्य सभी 13 दोषी शिवपाल सिंह की कोर्ट पहुंचे. बता दें कि जगदीश शर्मा सहित 5 की सजा के बिंदु पर गुरुवार को सुनवाई पूरी हो चुकी है. इससे पहले लालू यादव की ओर से अपील की गई है कि चूंकि वे बीमार हैं, उन्हें डायबिटीज़ समेत कई अन्य बीमारियां हैं. लालू के वकील की ओर से कहा गया है कि बिरसा मुंडा जेल में कई सारे इन्फेक्शन होने का डर है इसलिए उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें कम सज़ा दी जाए. वकील ने कहा कि जेल में शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं है, इसलिए उनकी किडनी पर भी असर हो सकता है.

इसके अलावा लालू के वकील ने तर्क किया है कि इसमें सह-अभियुक्त जगन्नाथ मिश्रा और अन्य बरी हुए हैं. इस आधार पर भी लालू को कम सज़ा मिले क्योंकि जो सबूत हैं वो सभी सुनी-सुनाई बातों के आधार पर हैं. आपको बता दें कि लालू यादव को दूसरी पाली में सज़ा होगी. जेल के बाहर हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. कोर्ट में पहुंच रहे सभी वाहनों की चैकिंग की जा रही है. कोर्ट के बाहर लालू समर्थकों को हुजूम उमड़ा हुआ है. कोर्ट के बाहर 'मैं भी लालू, तू भी लालू, अब तो सारे देश में लालू" के बैनर के साथ समर्थक वहां पर पहुंचे हैं. दरअसल, गुरुवार को A से K नाम वाले आरोपियों की सजा सुनाई गई. A से K लेटर वाले चार अभियुक्त थे, इसलिए गुरुवार को लालू की सजा का ऐलान नहीं हो पाया. हालांकि, लालू यादव ने अपील की उनकी सजा का ऐलान जल्द ही किया जाए. उन्होंने कहा कि कल से वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी, वीडियो से नहीं आज ही सजा सुनाईए.

लालू के वकील चितरंजन प्रसाद ने बताया कि इस मामले में अगर लालू और अन्य को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें अधिकतम सात साल और न्यूनतम एक साल की कैद की सजा होगी. हालांकि, सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में गबन की धारा 409 के तहत 10 साल और धारा 467 के तहत आजीवन कारावास की भी सजा हो सकती है. लालू को अगर 3 साल से कम की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें तुरंत बेल मिल सकती है जबकि इससे अधिक सजा पर वकीलों के बेल के लिए हाईकोर्ट का रुख करना पड़ेगा.

क्या है पूरा मामला?

साल 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से पशु चारे के नाम पर अवैध ढंग से 89 लाख, 27 हजार रुपये निकालने का आरोप है. इस दौरान लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे. हालांकि, ये पूरा चारा घोटाला 950 करोड़ रुपये का है, जिनमें से एक देवघर कोषागार से जुड़ा केस है. इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्टूबर, 1997 को मुकदमा दर्ज किया था. लगभग 20 साल बाद इस मामले में फैसले आया था. इससे पहले चाईबासा कोषागार से 37 करोड़, 70 लाख रुपये अवैध ढंग से निकालने के चारा घोटाले के एक दूसरे केस में सभी आरोपियों को सजा हो चुकी है.

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