प्रत्याशी के फोटो को ही बनाया जाए चुनाव चिन्हः अन्ना हजारे

देश भर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव को एक साथ चुनाव कराने सहित चुनाव सुधार को लेकर हो रही तमाम विमर्श के बीच समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी सुझाव दिए हैं उनके अनुसार चुनाव में प्रत्याशी का चेहरा ही चुनाव चिन्ह माना जाए। बता दें कि चुनाव सुधारों और लोकपाल को लेकर अगले महीने अन्ना हजारे ‘सत्याग्रह’ करने जा रहे हैं। इसी सिलसिले में उनसे जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रत्याशी के चेहरे को ही चुनाव चिन्ह बनाया जाय। अन्ना हजारे ने सदरौना स्थित मान्यवर काशीराम शहरी आवास कालोनी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर लोकतंत्र को मुक्त कराना है तो ईवीएम में प्रत्याशी की फोटो को ही चुनाव चिन्ह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे ना सिर्फ चुनाव चिन्हों की नीलामी बंद होगी बल्कि प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद भी जनता के बीच रहने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी उसे अपने चेहरे की पहचान कराने से ही वोट मिलेगा, इससे राजनीतिक भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा।

अन्ना हजारे ने "राइट टू रिजेक्ट" को प्रभावी बनाने और वोटों की गिनती मशीन से करने की मांग करते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र को प्रभावी बनाया जा सकता है। चुनाव प्रणाली में सुधार के बिना ना तो राजनीतिक भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी और ना ही जनहित में कार्य होगा। चुनावी खामी के कारण ही जनता की सरकार बनने के बजाय दल की सरकार बनती है, इसीलिए सरकारें जनहित के बजाय ‘दलहित’ में काम करती हैं।

पहली बार लखनऊ आए अन्ना हजारे ने कहा कि वह लोकपाल, किसान समस्या और चुनाव सुधार के लिए दिल्ली में 23 मार्च से सत्याग्रह करेंगे। इसके लिए जन जागरण के मकसद से पूरे देश में कार्यकर्ताओं और जनता से मिलकर इन विषयों को बता रहे हैं। इसके तहत आज राजधानी लखनऊ में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच आए हैं। हजारे दो दिन के उत्तर प्रदेश दौरे पर आए हैं। वह मंगलवार को सीतापुर में भी एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।

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