अन्ना आए भी नहीं गरम हो गया बिहार

आगामी 18 दिसम्बर को अन्ना हजारे के दौरे को लेकर बिहार की सियासत गरमाई हुई है।किसानों के पेंशन के मुद्दे पर NDA के घटक दल रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा पहले ही अपने समर्थन की घोषणा कर चुके हैं। धीरे-धीरे बिहार के किसान संगठन, बुद्धिजीवी, कुछ राजनीतिक पार्टियां और कुछ राजनेता भी आगे आने लगे हैं।

शिवसेना के बिहार प्रमुख कौशलेन्द्र कुमार ने खुलकर किसानों के पेंशन के मुद्दे पर अन्ना के साथ रहने की घोषणा की है, कौशलेन्द्र कहते हैं कि पार्टी के आला अधिकारियों से उन्हें इज़ाज़त मिल गयी है, और उनका पूरा संगठन अन्ना के बिहार दौरे में इस मुद्दे पर खड़ा रहेगा। उनका मानना है कि बिहार के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं यथा बाढ़-सुखाड़ का दंश हमेशा झेलते रहना पड़ता है। किसानों की जिंदगी लगातार बद से बदतर होती जा रही है ऐसे में अगर अन्ना की यात्रा किसानों की पेंशन के मुद्दे पर है, तो उनकी पार्टी भला कैसे चुप रहेगी। कौशलेन्द्र ने अपने पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को पुरजोर तैयारी के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को लेकर 18 दिसम्बर को पटना आने को कहा है।

वहीं भारतीय जन क्रांति दल ने भी किसानों के पेंशन के मुद्दे पर अन्ना का समर्थन किया है। दल के राष्ट्रीय महासचिव डॉ आर डी मिश्रा का कहना है कि उनकी पार्टी के संविधान में ही किसानों को 5 हज़ार पेंशन देने की बात कही हुई है। 2014 का चुनाव भी उनकी पार्टी ने इसी मुद्दे पर लड़ी है।
आर डी मिश्रा आगे कहते हैं कि उनकी पार्टी अन्ना के बिहार आगमन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेगी, पार्टी के कार्यकर्ता राज्य के कोने-कोने से 18 दिसम्बर को पटना पहुचेंगे।

वरिष्ठ राजनीतिज्ञ राघवेन्द्र कुशवाहा ने भी किसानों के पेंशन के मुद्दे पर अन्ना का समर्थन किया है। राघवेन्द्र कहते हैं कि बिहार के किसान काफी पिछड़े हैं और लगातार बाढ़-सुखाड़ ने उनका जीना ही दुश्वार कर दिया है। ऐसे में अगर पेंशन जैसी कोई सुविधा किसानों को दी जाए तो शायद उनकी जिंदगी खुशहाल बन सकती है। राघवेन्द्र कुशवाहा सीतामढ़ी और मोतिहारी में गहरी राजनीति पैठ रखते हैं। फिलहाल राघवेन्द्र पप्पू यादव के साथ हैं।

अन्ना के पेंशन के मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार निलान्शु रंजन भी खड़े नज़र आते हैं, निलान्शु का मानना है कि किसान हमारे समाज की रीढ़ हैं इनको पेंशन आवश्य दी जानी चाहिए।

समाज सेवी डॉ सुनील कुमार ने भी अन्ना के आगमन का खुलकर समर्थन किया है। डॉ कुमार का कहना है कि किसान हमारे भाग्यविधाता हैं इन्हें पेंशन आवश्य दी जानी चाहिए। अन्ना के आगमन पर मैं पूरी तरह से अन्ना के साथ हूं।

अन्ना के बिहार आगमन पर मिल रहे समर्थन से अन्ना के कार्यक्रम के बिहार प्रभारी संजय सिदोदिया काफी खुश नज़र आ रहे हैं। उनका कहना है कि अन्ना का बिहार आगमन ऐतिहासिक होगा। सरकार जबतक किसानों को पेंशन नही देती है, तब तक उनका संगठन आन्दोलन करता रहेगा।

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