बाप-बेटे साथ, शिवपाल धरेंगे विक्षुब्धों का हाथ

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल यादव को सियासी गच्चा दे दिया. नयी पार्टी की घोषणा तो उन्होंने नहीं ही की, उलटे बेटे अखिलेश के साथ खड़े हो गए. मुलायम के इस कदम से शिवपाल पूरी तरह से सियासी मौन में चले गये , लेकिन उनके करीबियों ने नेताजी के खिलाफ बगावती रूख अख्तियार कर लिया है। दरअसल मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल की दी हुई प्रेस रिलीज नहीं पढ़ी जिसमे अलग पार्टी बनाने का जिक्र था। इससे शिवपाल खेमा नाराज हो गया है। कभी मुलायम के खासमखास रहे और अब शिवपाल के करीबी माने जाने वाले शारदा प्रसाद शुक्ल, मुलायम के नई पार्टी नहीं बनाने के ऐलान से इतने खफा हुए कि उन्होंने मुलायम सिंह यादव को न सिर्फ नकली समाजवादी करार दिया बल्कि यहां तक कह डाला कि दोनों बाप-बेटे मिले हुए हैं। मुलायम सिर्फ अखिलेश को मजबूत करने में जुटे है।

शारदा शुक्ल ने कहा, मुलायम सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के साथ छलावा कर रहे है। सपा का अब कोई वजूद नहीं रह गया। शारदा प्रसाद शुक्ला ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के प्रत्याशी को हराने का काम वे खुद करेंगे। अब वो मुलायम का नहीं शिवपाल यादव का साथ देंगे।

बता दें कि मुलायम के रवैए से शिवपाल खेमा इस कदर नाराज है कि वो अलग पार्टी बनाने की संभावनाएं तलाशने में जुट गया है। मुलायम के यू टर्न लेने के बाद, शिवपाल अपने समर्थकों में गुस्से को देखते हुए खुद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर कैंसिल कर दिया। इसके बाद से जाहिर तौर पर शिवपाल मौन हैं, लेकिन नई पार्टी बनाने की उम्मीद को उन्होंने छोडी नहीं है।

अखिलेश यादव का खेमा खुश है, अब समाजवादी पार्टी के यूथ नेताओं का मुलायम सिंह यादव के घर आना जाना बढ़ गया है और जैसे ही अखिलेश ने ट्विटर पर नेताजी जिंदाबाद और समाजवादी पार्टी जिंदाबाद का नारा बुलंद किया,उससे लग रहा है की अब अखिलेश और मुलायम सिंह के बीच की दूरियां कम हो रही हैं.

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