शाह ने ली मंत्रियों की क्लास,360 का टारगेट

भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक बुलाई और चुनाव के लिए कमर कसने को कहा है । अमित शाह ने मिशन 2019 को लेकर पहली बैठक की है। इस बैठक में अमित शाह ने मिशन 2019 के लिए 360 से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। बैठक के एजेंडे को अंतिम समय तक गुप्त रखा गया था। वहीं बैठक में शामिल होने से पहले तक न तो किसी मंत्री को और न ही किसी पदाधिकारी को एजेंडे की जानकारी थी। बैठक खत्म होने के बाद भी बीजेपी का कोई नेता इस खास बैठक के बारे में कैमरे पर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।

बीजेपी ने मिशन 2019 के लिए सिर्फ अपने लिए 360+ का आंकड़ा रखा है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक शाह ने बैठक में मौजूद 9 केंद्रीय मंत्रियों और 30 पार्टी अधिकारियों से कहा कि वो अभी से 2019 के चुनाव की तैयारी में जुट जायें। अमित शाह ने 10 मिनट का एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। प्रेजेनटेशन में बंगाल, उड़ीसा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक की सीटों का जिक्र किया गया।

शाह का मानना है कि हिंदी भाषी क्षेत्रों में बीजेपी अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन कर चुकी है। अब 2014 में जिन जगहों पर बीजेपी जीत नहीं दर्ज कर पायी है उन जगहों पर इस बार पूरा फोकस हो। अमित शाह हर चार महीने में सर्वे करा रहे हैं। इस बार तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों पर विशेष फोकस रहेगा। गौरतलब है कि बीजेपी ने 2014 के लोकसभा में 300 से ज्यादा सीटों का लक्ष्य रखा था लेकिन उसे 284 सीटों पर ही जीत मिली थी। हालांकि उसके सहयोगियों की सीट को जोड़ दिया जाए तो अभी एनडीए के पास कुल 336 सीट हैं। सूत्रों के मुताबिक बैठक में अमित शाह ने कहा कि इस समय विपक्ष बिखरा हुआ है और ऐसे में हम 2019 में 360 प्लस का लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकते हैं। याद रखिए 2019 में बीजेपी का मुकाबला खुद बीजेपी से हैं। हमारे सामने कोई दूसरा नहीं टिकेगा।

बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं की ग्राउंड रिपोर्ट की जानकारी भी मंत्रियों से ली गई। बीजेपी मुख्यालय में हुई बैठक में कई मंत्री शामिल हुए। इनमें अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, नरेंद्र सिंह तोमर, जेपी नड्डा, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण, मनोज सिन्हा, प्रकाश जावडेकर और अर्जुन मेघवाल शामिल हुए। अमित शाह ने इन सभी मंत्रियों और नेताओं से जानकारी ली कि केंद्र सरकार की उनके मंत्रालय संबंधी योजनाएं जमीन पर किस स्तर पर पहुंची हैं। बैठक में प्रदेशों से भी कुछ वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया था। संगठन की ओर से मंत्रियों को कई ज़िम्मेदारियां दी गई थीं जिनमें दलितों के घर भोजन शामिल था। इन सब कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी ली गई।

वहीं संगठन की ओर से बीजेपी महासचिवों में राम माधव, मुरलीधर राव, अनिल जैन, कैलाश विजयवर्गीय और अरुण सिंह और बीजेपी संगठन महामंत्री राम लाल, सह संगठन महामंत्री वी सतीश, सौदान सिंह, शिव प्रकाश और संतोष कुमार को बैठक में बुलाया गया था।
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दाहिना हाथ माना जाता है। इन दोनों ने बीजेपी को ऐसी ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिसकी 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष रहने के दौरान पार्टी का तेजी से विस्तार हुआ और इसने गोवा, मणिपुर तथा अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बहुमत न होने के बावजूद राजनीतिक दावपेंच से सत्ता हासिल की। आज देश के 13 राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहीं 5 अन्य में वह सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है।

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