मुलायम की गैरमौजूदगी में अखिलेश की ताजपोशी

- 5 साल के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने अखिलेश

समाजवादी पार्टी का 10वां राष्ट्रीय सम्मेलन आज आगरा में शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी (सपा) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। अखिलेश अगले पांच सालों के लिए सपा के अध्यक्ष रहेंगे। आगरा अधिवेशन में सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष का चुनाव किया गया। गौरतलब है कि पहले अध्यक्ष पद का कार्यकाल तीन साल के लिए होता था, लेकिन अखिलेश यादव को पांच साल के लिए चुना गया है। इसके लिए पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया है। अखिलेश को एक जनवरी 2017 को सपा संस्था पक मुलायम सिंह यादव को पद से हटाकर अध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि, इस बार भी मुलायम मौजूद नहीं थे लेकिन अखिलेश ने अपने भाषण में जिक्र किया कि नेताजी (मुलायम) का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही सपा की कमान पूरी तरह अखिलेश के हा‌थों में आ गई है। सपा महासचिव आजम खान, रामगोपाल यादव, नरेश अग्रवाल, धर्मेंद्र यादव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे।

मुलायम की नामौजूदगी में अखिलेश के अध्यक्ष बनने के बाद सपा में जारी कलह एक बार फिर सतह पर आ गई है। मुलायम समय-समय पर अखिलेश की आलोचना करते रहे हैं। अखिलेश के अध्यक्ष बनने के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि मुलायम का अगला कदम क्या होगा। हालांकि लखनऊ में लोहिया ट्रस्ट में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुलायम पहले ही कह चुके हैं कि वो नई पार्टी या फ्रंट नहीं बनाने जा रहे हैं।

पिछले 9 महीने से मुलायम कुनबे में कलह चल रही है। अखिलेश यादव और शिवपाल के बीच दुश्मनी इतनी गहरी हो गई थी कि दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला भी थम गया था। लेकिन अब दुश्मनी की बर्फ पिघलने लगी है। बुधवार को शिवपाल ने अखिलेश को फोन करके अध्यक्ष बनने की अग्रिम बधाई दी, तो दूसरी ओर अखिलेश ने भी कहा कि चाचा शिवपाल का उन पर आशीर्वाद है और आगे भी रहेगा।

आगरा के तारघर मैदान में हो रहे सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित 25 राज्यों के पार्टी प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस कार्यक्रम में देश भर के करीब 15 हजार सपा के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया गया है। बुधवार की शाम को ही देश भर के सपा प्रतिनिधि आगरा पहुंच चुके थे।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अताउर्रहमान ने कहा कि देश भर के लोग इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन के जरिए पार्टी को एक नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। आज के सम्मलेन में सपा को युवा नेतृत्व मिलने के साथ मौजूदा राजनीतिक स्थिति, केन्द्र सरकार की नीतियों और राष्ट्र के समक्ष अन्य ज्वलंत समस्याओं पर भी विचार किया जाएगा। इस सम्मलेन में 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी पर खाका खींचा जाएगा। मोदी और योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सपा के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने जो यूपी को विकास की रफ्तार दी थी उस पर बीजेपी सरकार ने ब्रेक लगा दिया है। राज्य के लोग अखिलेश राज को याद कर रहे हैं।

पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमले किए थे। मुलायम ने किसानों की बदहाली से लेकर राजनीतिक और आर्थिक मुद्दे उठाए थे। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव ने उन्हें आगरा सम्मेलन के प्रस्ताव में शामिल कर लिया है। उसके तहत भी चर्चा होगी।

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