भूमि अधिग्रहण मामले में JMM हमलावर, पोल खोल रहा AJSU

भूमि अधिग्रहण संशोधन के मामले ने झारखंड में तूल पकड़ लिया है. इसे लेकर तेज सियासत हो रही है. शुरुआत में तो झामुमो ने सरकार को घेरने की जबरदस्त कोशिश की. झामुमो ने इस बिल को वापस लेने की चेतावनी दी अन्यथा बड़े आंदोलन के संकेत भी दिए, लेकिन आजसू इस मामले में झामुमो की पोल खोलती नजर आ रही है.

आजसू ने भूमि अधिग्रहण, स्थानीय नीति, सीएनटी-एसपीटी जैसे तमाम सवालों पर झामुमो को घेरा है और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाया है कि उनके वक्त ही संशोधन की बुनियाद तैयार की गई थी.

आजसू ने झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि वह बात तो स्थानीय हितों की करते हैं लेकिन उनकी सरकार के वक्त ही जेपीएससी से स्थानीय भाषाओं की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई थी. यह निहायत ही गंभीर आरोप है और जनता की अदालत में इन आरोपों पर झामुमो को जवाब देना ही होगा. दूध का दूध और पानी का पानी तभी हो पाएगा, जब तमाम दस्तावेज सामने रखे जाएंगे.

अगर आजसू के आरोपों में सच्चाई है तो फिर अग्रेशन का पॉलिटिक्स झामुमो पर भारी पड़ सकता है क्योंकि राजनीति में यह नहीं होता कि चित भी मेरी और पट भी. किसी भी मसले पर एक स्टैंड तो लेना ही होगा. जनता सच जानना चाहती है. हम जल्द ही दस्तावेजों के सहारे आपको सच से अवगत कराएंगे.

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