विस उपचुनावः आजसू-बीजेपी की दोस्ती क्या रहेगी सलामत!

सूबे में सिल्ली और गोमिया उपचुनाव को लेकर प्रचार जोर पकड़ने लगा है। सिल्ली में जहां सुदेश महतो की साख दांव पर है वहीं मुख्य विपक्षी दल झामुमो पर अपनी सीट बचाए रखने का दबाव है। हालांकि इस सीट पर उसे पूरे विपक्ष का समर्थन प्राप्त है। कहा जा रहा है इसलिए झामुमो उम्मीदवार सीमा महतो से पार्टी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। उधर, आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो सिल्ली उपचुनाव को राज्य की राजनीति की दिशा बदलने वाला मानते हैं। उन्होंने क्षेत्र की जनता से आह्वान किया है कि इस चुनाव में उन्हें तय करना है कि सिल्ली के बेटे को सेवा करने का मौका देंगे या दुमका से शासन को पसंद करेंगे।

उधर, गोमिया सीट को लेकर आजसू-बीजेपी का राहें अलग हो गई हैं, बीजेपी की लाख कोशिशों के बावजूद सुदेश महतो ने अपनी पार्टी से लंबोदर महतो को उम्मीदवार के तौर पर उतार ही दिया। बीजेपी ने भी अपनी दावेदारी करते हुए माधवलाल सिंह को मैदान में उतारकर आजसू को मैसेज दिया कि बीजेपी सहयोगियों के दबाव के आगे नहीं झुकेगी।

बहरहाल, जानकारों की मानें तो बीजेपी के अंदर इस बात की चर्चा होने लगी है कि आजसू के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर परेशानी हो सकती है। गोमिया उपचुनाव को लेकर आजसू प्रमुख का रवैया पार्टी के प्रदेश स्तर के कई बड़े नेताओं को नागवार गुजरा है। इसलिए आनेवाले दिनों में बीजेपी आजसू के साथ अपनी दोस्ती बनाए रखने के सवाल पर गंभीरता से विचार करेगी इसमें कोई दो राय नहीं है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *