अजय कुमार, अनुराग गुप्ता को हटाया जाएः JMM

झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव के मामले की ओर ध्यान आकृष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि गत वर्ष राज्य सभा द्विवार्षिक चुनाव में भी 2 सदस्यों का चुनाव किया गया था। जिसके निर्वाचन संबंधित प्रक्रिया एवं संपादन में वर्तमान सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार ने अपने सरकारी तंत्र का खूब दुरुपयोग किया था। प्रशासन में बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों ने आतंक और प्रलोभन खुलकर इस्तेमाल किया था। उन्होंने लिखा है कि वर्ष 2016 के तत्कालीन विशेष शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता और मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार ने अपने पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए निर्वाचन मंडल के सदस्यों को बीजेपी के दूसरे प्रत्याशी महेश पोद्दार के पक्ष में मतदान करने हेतु विवश करने का हर प्रकार के हथकंडों का प्रत्यक्ष तौर पर प्रयोग किया था। जिस संबंध में आयोग के समक्ष विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने शिकायत दर्ज की थी और साक्ष्य उपलब्ध करवाए थे।

वहीं अनुराग गुप्ता और अजय कुमार के अनैतिक असंवैधानिक तथा निर्वाचन आचारसंहिता के प्रत्यक्ष उल्लंघन के संबंध में उपलब्ध साक्ष्य पर निर्वाचन आयोग द्वारा अनुसंधान किए जाने के पश्चात यह पाया गया था कि दोनों ने अपने पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग किया। जो सर्वथा अनुचित एवं अनैतिक प्रतीत होता है तथा इस संबंध में आयोग द्वारा राज्य सरकार को यह निर्देशित किया गया था कि वह तत्काल दोनों पदाधिकारियों पर उचित अनुशासनात्मक कार्यवाई करें। वहीं उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2018 जो 23 मार्च को प्रस्तावित है आयोग द्वारा संपन्न करवाया जाना है इस संदर्भ में अनुराग गुप्ता जो आज भी किसी अपेक्षित अनुशासनात्मक कार्रवाई के बिना अपने उसी पद पर पदस्थापित हैं और बीजेपी के आदेशपाल के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अनुराग गुप्ता एक बार फिर राज्यसभा चुनाव 2018 को भाजपा के पक्ष में प्रभावित करने की कार्य योजना बना रहे हैं तथा उनके सहयोगी अजय कुमार सीएम के नेतृत्व एवं निर्देशन पर कार्य कर रहे हैं।

विनोद कुमार पांडे ने आयोग से मांग किया है कि वर्तमान प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव निष्पक्ष हो इसके लिए अनुराग गुप्ता और अजय कुमार को तत्काल उनके पदों से बर्खास्त कर उनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया जाए।

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