AIADMK में ‘अम्मा युग’ की वापसी

तमिलनाडु में आज (मंगलवार) पन्नीरसेल्वम और पलनिसामी धड़े की ओर से बुलाई गई जनरल काउंसिल की बैठक में एक प्रस्ताव पास करके वीके शशिकला को न केवल जनरल सेक्रेटरी के पद से बर्खास्त किया, बल्कि पार्टी से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पन्नीरसेल्वम और पलनिसामी धड़े की ओर से मंगलवार को बुलाई गई जनरल काउंसिल की बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया है।

बैठक में पास हुए प्रस्ताव के बारे में तमिलनाडु के मंत्री आरबी उदयकुमार ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिवंगत अम्मा (जयललिता) ने पार्टी पदाधिकारियों के तौर पर जिनको भी नियुक्त किया था, वे बने रहेंगे। पार्टी अब अविभाजित है और चुनाव चिह्न के तौर पर 'दो पत्ती' वापस लेने की कोशिश करेगी। अस्थाई जनरल सेक्रटरी पद को खत्म करने पर भी रजामंदी बनी, जिसके साथ ही शशिकला को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उदयकुमार ने बताया कि जयललिता पार्टी की स्थाई जनरल सेक्रटरी बनी रहेंगी।

संयुक्त एआईएडीएमके का तर्क है कि चूंकि शशिकला को हटा दिया गया है, इसलिए 26 दिसंबर 2016 से लिए गए उनके सभी फैसले निरस्त होते हैं। इनमें शशिकला द्वारा अपने रिश्तेदार टीटीवी दिनकरन को डेप्युटी जनरल सेक्रटरी बनाना भी शामिल है। यानी दिनकरन का कोई भी ऐलान पार्टी पर लागू नहीं होगा। हालांकि, दिनकरन ने पन्नीरसेल्वम और सीएम पलनिसामी को चुनौती दी कि अगर दोनों के पास पार्टी वर्करों का समर्थन है तो वे चुनाव में जाने की हिम्मत दिखाएं। दिनकरन ने कहा कि अधिकतर मंत्रियों को डर है कि अगर वे चुनावी मैदान में गए तो निश्चित तौर पर हार जाएंगे।

बता दें कि इससे पहले, एआईएडीएमके के दो धड़ों पन्नीरसेल्वम और पलनिसामी गुट ने विलय का ऐलान किया था। हालांकि, इस विलय का आधार ही यही था कि शशिकला को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। डीएमके ने इस विलय का विरोध करते हुए विश्वास मत की मांग की थी। डीएमके का दावा था कि सीएम पलनिसामी के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है। टीटीवी दिनकरन ने भी यही मांग उठाई थी।

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