मदरसों पर कार्रवाई जरूरी, जान की परवाह नहीं- रिजवी

शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने अपनी जान का खतरा बताया है। उन्होंने कहा है कि विरोधी उन्हें जान से मरवा देंगे। जैसी चीजें इस वक्त उनके साथ हो रही हैं, उससे उन्हें इस बात की पूरी आशंका है। लेकिन वह इससे डरेंगे नहीं। वह अपनी कब्र तैयार खुदवा चुके हैं। आपको बता दें कि रिजवी ने इससे पहले मदरसा बोर्ड भंग करने की मांग उठाई थी, जिसके बाद वे मौलानाओं के निशाने पर आ गए थे। 9 जनवरी को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में एक चिट्ठी भी लिखी थी। उन्होंने उसके जरिए कहा था कि मदरसों से आतंकवाद बढ़ रहा है। वहां से आतंकी पैदा हुए हैं। ऐसे में उन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। जानकारी के अनुसार, रिजवी का मदरसों को लेकर कहना है, “मदरसों में बच्चों को दीनी शिक्षा दी जा रही है। उससे बच्चों का क्या होगा?

मदरसों में मौलाना कई बार हिंदुओं को काफिर बताते हैं तो कभी कुछ और। ऐसे में वे क्या सीखेंगे? मदरसों को जकात और चंदे के जरिए खरबों रुपए मिलते हैं। मेरी सिफारिश इस कारोबार पर चोट कर रही है। बच्चों को कॉन्वेंट में पढ़ाते हैं और गरीबों के बच्चों को मदरसों में भेजने की हिदायत देते हैं। यह न्याय है?” बकौल रिजवी, “मौलाना विरोध करते हैं। यह उनका कारोबार है। चंद मौलानाओं के लिए मैं मुस्लिम बच्चों के भविष्य को दांव पर नहीं लगा सकता। मुझे पता है कि वे मेरा विरोध करेंगे। मैं इंतजार करूंगा और फिर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करूंगा। मैं इनकी कमाई पर चोट कर रहा हूं। ये ताकतवर लोग हैं। मुझे मरवा देंगे। जिस तरह की चीजें घट रही हैं और जो खबरें मेरे सामने आ रही हैं, उससे इसका पूरा अंदेशा है। मगर मैं पीछे नहीं हटने वाला हूं। मैं अपनी कब्र तैयार करा चुका हूं। कब्र ले ली है। तख्ती भी लगवा दी है। पत्थर तैयार करा रहा हूं।”

शिया वक्फ बोर्ड ने इससे पहले चिट्ठी में कहा था, “मैंने पीएम को लिखी चिट्ठी में साफ किया है कि हिंदुस्तान में चल रहे अधिकतर मदरसे गैर मान्यता प्राप्त हैं। इनसे नुकसान गांव के बच्चों को हो रहा है। वे बेरोजगारी की ओर बढ़ रहे हैं। टाट-पट्टी के स्तर पर यहां मदरसों को मान्यता दी जा रही है।” उन्होंने आगे पूछा था, “कितने मदरसों ने इंजीनियर, डॉक्टर और आइएएस अधिकारी पैदा किए हैं? मगर कुछ मदरसों ने आतंकी जरूर पैदा किए हैं।”

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