विद्यार्थियों को मिले भारतीयता की शिक्षाः एबीवीपी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 63 वां वार्षिक अधिवेशन रांची के मोरहाबादी मैदान में चल रहा है। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में चर्चा के लिए तीन प्रस्ताव प्रतिनिधियों के सामने रखा गया। जिसमें राष्ट्रीय मंत्री आशिष चौहान ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार हेतु सर्जिकल स्ट्राइक को अति आवश्यक प्रस्ताव बताया। राष्ट्रीय मंत्री कुछराम ने जनजातीय समाज के विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा, तीसरा प्रस्ताव राष्ट्रीय मंत्री किशोर रमन ने सेना में आंतरिक और बाह्य रूप से सुरक्षित होता भारत चर्चा के लिए प्रतिनिधियों के समक्ष रखा।

इसके बाद मिलिंद मराठे पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाषण देते हुए कहा कि शिक्षा सस्ती, सुलभ होनी चाहिए। हर स्तर के छात्र के लिए ज्ञानी शिक्षक होना चाहिए। जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बाद जीविका मिल सके। शिक्षा से देश और समाज प्रेम उत्पन्न होता है। शिक्षा का राजनीतिक चंगुल से मुक्त होना अति आवश्यक है। शिक्षक की भूमिका और गुणवत्ता का निर्धारण होना चाहिए। शिक्षा में जीवन शैली, परिवार को जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही आज के परिदृश्य में स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों में भारतीयता की कमी दिखाई दे रही है। भारतीयता से मतलब, शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में चरित्र का निर्माण हो यह हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। हमारी शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो हमारे स्वाभाविक स्वभाव को नियंत्रित कर सके।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *