साजिश के तहत AAP को निकाय चुनाव से किया बाहरः राजन

नगर निकाय चुनाव में राज्य चुनाव आयोग द्वारा आम आदमी पार्टी को राजनीतिक दलों की सूची में शामिल नहीं करने के पर आप नेता और कार्यकर्ता आक्रोशित हैं उन्होंने इसके पीछे सत्तारूढ़ बीजेपी की चाल होने की बात कही है। आप के प्रदेश समिति सदस्य राजन सिंह ने बुधवार को कहा कि नगर विकास विभाग के नए नियम के अनुसार 26 फरवरी को नगर निकाय चुनाव में शामिल होने हेतु जिन राजनीतिक दलों की सूची राज्य चुनाव आयोग ने जारी की उसमें आम आदमी पार्टी समेत कई और दलों को छोड़ दिया गया। नगर विकास विभाग की ये गंदी चाल विभाग के मंत्री सीपी सिंह और भाजपा के इशारे पर चली गयी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने रघुवर सरकार के इस नियम को झारखण्ड हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई गुरुवार को होगी।

उन्होंने बताया कि नगर विकास विभाग के निर्देशानुसार तथा चुनाव आयोग के आदेशानुसार नगर निकाय चुनाव में फिलहाल तीन तरह की राजनीतिक दल हिस्सा ले सकती हैं जिसमें राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त पार्टी, झारखण्ड में मान्यता प्राप्त पार्टी तथा झारखण्ड के किसी पते पर निबंधित राजनीतिक दलों को शामिल किया गया है। सूची में इन तीन तरह की राजनीतिक दलों के अलावे चौथे प्रकार के राजनीतिक दल- "अन्य राज्यों में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल' को शामिल नहीं किया गया है। जबकि देश के तमाम प्रदेशों के नगर निकाय चुनाव में जहां चुनाव दलीय आधार पर होता है वहां दूसरे राज्यों के मान्यता प्राप्त पार्टी को अपने नाम और चुनाव चिन्ह पर चुनाव में शामिल होने का स्पष्ट प्रावधान है। उदाहरण कर लिए उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तमिल नाडु आदि। यहां तक कि भारतीय चुनाव आयोग की चिट्ठी में भी ये स्पष्ट कहा गया है कि दलीय आधार पर होने वाले निगम अथवा पंचायती राज के चुनाव में स्थानीय राज्य के मान्यता प्राप्त दलों के साथ साथ दूसरे राज्यों में मान्यता प्राप्त दलों को उनके चुनाव चिह्न दिए जाएं। परंतु झारखंड के नगर विकास विभाग ने देश के तमाम राज्यों के कानून और चुनाव आयोग की चिट्ठी को नज़रअंदाज़ कर भाजपा के सुविधानुसार गैर संवैधानिक काला कानून बनाया है। इस मौके पर राज्य कोषाध्यक्ष आलोक शरण तथा प्रदेश समिति सदस्य पवन पांडेय एवं राजन सिंह , रांची जिला अध्यक्ष लक्षण सिंह, महासचिव तथा नगर अध्यक्ष सुनील सिंह मौजूद थे।

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