राज्य में और 6 कृषि विज्ञान केंद्र जल्द खुलेंगे: प्रेम कुमार

बिहार के कृषि मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार ने कहा कि चार वर्षों में केंद्र सरकार के सकारात्मक सहयोग के कारण बिहार के मुख्य फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि 48 वर्षों में यूरिया को नीम कोटेड कर किसान तक नहीं पहुंचाया गया। जबकि केंद्र में बीजेपी सरकार के 48 महीनों में ही शत-प्रतिशत नीम कोटेड यूरिया किसानों को उपलब्ध कराया गया। इससे यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगी है। बिहार को मक्का उत्पादन के क्षेत्र में कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

पूर्वी चंपारण में दीनदयाल उपाध्याय उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय, सारण तथा मगध में कृषि महाविद्यालय एवं मिथिला में पशु एवं मत्स्य महाविद्यालय को जल्द खोला जाएगा। राज्य के 6 बड़े जिलों में अतिरिक्त कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की स्वीकृति मिल गई है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पूर्णिया में देश के सबसे बड़े सीमेन केंद्र का शिलान्यास किया गया। भारत सरकार द्वारा विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए 1986.67 करोड़ की राशि दी गई है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजना सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर के निर्देशन के अंतर्गत 72 क्वेश्चन इन केंद्र की स्थापना की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत 10 लाख, 25 लाख एवं 40 लाख तक की लागत से कस्टम हायरिंग हेतु कृषि यंत्र बैंक तथा 80 लाख रुपए की लागत वाले दो हाई टेक हब को स्थापित किया जा रहा है।

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