6 मई को झारखण्ड के दो पूर्व मुख्यमंत्री और एक केन्द्रीय मंत्री की किस्मत इवीएम में होगी कैद

झारखण्ड में चार लोकसभा क्षेत्रों में होने वाले मतदान के लिए शनिवार तक प्रत्याशियों ने जी जान से मेहनत की.रविवार शाम तक चुपके-चुपके अपने वोटरों से संपर्क किया. नामांकन से अबतक प्रत्याशियों ने वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए कड़ी मेहनत की.अब 6 मई यानी सोमवार को जनता की बारी है. जनता इनकी परीक्षा का परिणाम वोट के माध्यम से जारी करेगी. रांची,खूंटी,कोडरमा और हजारीबाग में करीब 65 लाख मतदाता चार प्रत्याशियों को चुनकर दिल्ली सांसद भवन भेजेगी. इनमे से चार प्रत्याशी कोन-कोन होंगे इसका फैसला जनता 6 मई को वोट देकर करेगी. इस चरण में एक केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और दो पूर्व मंख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी हैं. वहीँ रांची लोकसभा सीट की बात करे तो यहाँ पर त्रिकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है. इसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों को नुकसान होने की संभावना है. भाजपा के बागी सांसद रामटहल चौधरी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर गये हैं. रामटहल चौधरी भाजपा का अधिक कांग्रेस का कम वोट काट सकते हैं. वहीँ खूंटी की बात करें तो यहाँ पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भाजपा से प्रत्याशी हैं और महागठबंधन से राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा के बड़े भाई कालीचरण मुंडा को प्रत्याशी बनाया गया है. यहाँ भी भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.यहाँ पर शहरी क्षेत्र में तो भाजपा का वोटर स्पष्ठ दीखता हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों की जुबान कुछ और ही बोलती है.वहीँ कोडरमा में प्रदेश राजद के अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी को भाजपा ने मैदान में उतरा है. यहाँ पर उनका सीधे मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री महागठबंधन के प्रत्याशी बाबूलाल मरांडी से होने वाला है. कोडरमा में भीतरघात की पूरी संभावना है.यहं पर राजद और भाजपा के कार्यकर्त्ता भीतरघात कर सकते हैं.इस सीट को भी निकालना भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है. अब हाजारीबाग की बात करें तो इसमें भाजपा के टक्कर का कोई भी प्रत्याशी नहीं है. यहाँ पर भाजपा से केन्द्रीय मंत्री सह यशवंत सिन्हा के पुत्र जयंत सिन्हा मैदान में हैं.वहीँ महागठबंधन से गोपाल साहू मैदान में हैं.  

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