असम में 40 लाख लोग नहीं है भारत के नागरिक

असम में रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का दूसरा और आखिरी ड्राफ्ट पेश कर दिया गया है। इसके तहत 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार 677 लोगों को वैध नागरिक मान लिया गया है। इस तरह से करीब 40 लाख लोग अवैध पाए गए हैं, जो अपनी नागरिकता के वैध दस्तावेज को साबित नहीं कर सके हैं।
हालांकि एनआरसी अधिकारी ने कहा है कि यह फाईनल लिस्ट नहीं है बल्कि सिर्फ ड्राफ्ट है। जिन लोगों के नाम नहीं हैं वे आवेदन कर सकते हैं।
वहीं असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि 1971 से पहले से असम में रह रहे नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ वाली एनआरसी की दूसरी लिस्ट आज राज्य के सभी एनआरसी सेवा केन्द्रों पर प्रकाशित कर दी जाएगी।
बता दें कि इसके बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। असम के सात जिलों में धारा 144 लागू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना खासकर अफवाह से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिये सावधानी रखी जा रही है।
वहीं असम एवं पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा बंदोबस्त बेहतर रखने के लिये केन्द्र ने सीआरपीएफ की 220 कंपनियों को भेजा है। असम के सीएम सोनोवाल ने एनआरसी लिस्ट जारी होने के मद्देनजर हालात को लेकर बैठक की और अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे वे दोबारा आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगर वास्तविक नागरिकों के नाम दस्तावेज में मौजूद नहीं हों तो वे घबरायें नहीं और वे संबंधित सेवा केन्द्रों में जाकर फॉर्म को भरें।
बता दें कि असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निकालने के लिए सरकार ने एनआरसी अभियान चलाया है। जिसके अंतर्गत अवैध रूप से रह रहे लोगों को उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा।

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