शहरों के विकास में झारखंड प्रगति के पथ पर सबसे आगे : राज्यपाल

झारखंड की राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि विकास एक सतत प्रक्रिया है, शहरों के विकास में झारखंड प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश के 100 शहरों की सूची में झारखंड के कई शहर शामिल है। यह हर्ष की बात है कि राज्य में शहरीकरण की प्रक्रिया के क्रम में पर्यावरण संरक्षण को भी ध्यान में रखा जा रहा है। राज्यपाल ने यह बातें नगर विकास एवं इलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा आयोजित शहरी विकास सम्मेलन में कहीं। सम्मेलन का आयोजन शुक्रवार को होटल बीएनआर मे किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में सबके लिए आवास योजना चल रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का काम गुणवत्तापूर्ण कराया जा रहा है । आम आदमी को प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की विभिन्न परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है । उन्होंने रांची में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हो रहे विभिन्न कार्यों की सराहना करते हुए निवेशकों से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की अपील भी की । इस क्रम में राज्यपाल ने बताया कि 656.3 एकड़ जमीन में एचईसी क्षेत्र में क्षेत्र विकास आधारित स्मार्ट सिटी का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने स्मार्ट सिटी परिसर में बन रहे झारखंड अर्बन प्लैनिंग मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट कन्वेंशन सेंटर अर्बन सिविक टावर और आवासीय भवनों के निर्माण की भी चर्चा की और कहा कि यहां पर नए शहर के निर्माण के बाद विश्व स्तर की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी । साथ ही यह भी कहा कि रांची स्मार्ट सिटी आने वाले समय में एक नॉलेज हब के रूप में विकसित होगी इस दिशा में कई कार्य चल रहे है। राज्यपाल ने कहा राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि शहरी विकास सम्मेलन से में हुई परिचर्चा से जो निष्कर्ष निकल कर आएगा झारखंड की नगरीय विकास में लाभकारी साबित होगा।
राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री श्री सी पी सिंह ने कहा कि हमारे राज्य में लगातार लोग अपने जीवन स्तर में बदलाव को लेकर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। यही एक बड़ा कारण है कि हमें बड़ी संख्या में लोगों के लिए आवास निर्माण करने की जरूरत है । इस दिशा में हम लगातार प्रयासरत हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों का चयन कर उन्हें आवास देने की दिशा में कार्य चल रही है । उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हमारी सरकार ने नीति बनाई है कि गरीब को अस्त-व्यस्त तरीके से बसी हुई बस्तियों से हटाने से पहले उन्हें सुनियोजित तरीके से बसी हुई कॉलोनियों में घर देने का काम किया जाए। इस पुनीत कार्य में आम जनों का सहयोग आवश्यक और अपेक्षित है। तभी हम गरीब लोगों को आवास उपलब्ध करा पाएंगे इसके लिए जमीन की उपलब्धता भी आवश्यक है । उन्होंने आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए । उन्होंने कहा कि हमारी सरकारकी नियत बिल्कुल साफ है हम काम करना चाहते हैं । इस सम्मेलन से जो परिणाम निकल कर सामने आएगा उसे हम धरातल पर उतारने का प्रयास करें करेंगे। इसके लिए धनराशि की जरूरत है । पूंजी निवेशक इस सम्मेलन के माध्यम से आगे आएंगे। आईएसबीटी और ट्रांसपोर्ट नगर पीपीपी मोड पर बनाने की योजना है । उम्मीद है इस क्षेत्र में भी निवेशक अपनी दिलचस्पी दिखाएंगे।
भारत में अर्जेंटीना के राजदूत डैनियल चुबचरू ने कहा कि अर्जेंटीना एक कृषि प्रधान देश है और कृषि उत्पादों का निर्यात करता रहा है ।लेकिन शहरीकरण की आवश्यकता भी हुई इसलिए ” शहरीकरण नीति ” को लागू किया गया । जिसमें सब के हितों का ध्यान रखा गया। अर्जेंटीना में 91 प्रतिशत शहरों में स्मार्ट सिटी और अन्य योजनाओं पर काम चल रहा है।अर्जेंटीना में स्मार्ट सिटी पब्लिक सेंटर के रूप में प्रचलित है।
भारत में कोरिया के राजदूत शीन बोंकगील ने कहा कि वे
झारखंड में पहली बार आये है , यहां की हरियाली देखकर काफी प्रभावित हुए है। उन्होंने झारखंड को बहुत सुंदर और स्मार्ट राज्य बताया ।उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में शामिल होने का एकमात्र उद्देश्य है यह कि कोरिया के शहरी विकास के कार्यों को बताया जा सके। कोरिया में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखते हुए शहरों का विकास किया जा रहा है। नदियों के किनारे बसे शहरों को सुव्यवस्थित ढंग से बसाया गया है ।झारखंड सीख देने और मार्गदर्शन देने वाला राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने अर्बन डेवलपमेंट समिट कोई एक महत्वपूर्ण आयोजन बताते हुए उम्मीद जताया कि झारखंड के शहरों के विकास में इस समिट का विशेष योगदान होगा। कोरिया में अगले महीने सितंबर में “स्मार्ट सिटी एक्सपो “का आयोजन किया जाएगा जिसमें झारखंड को आमंत्रित किया जाता है। इस एक्सपो के माध्यम से कोरिया और झारखंड के द्विपक्षीय कार्यक्रमों में आपसी सहयोग मिलेगा इससे झारखंड सरकार को लाभ मिलने की उम्मीद है ।
थाईलैंड की भारत में उच्चायुक्त सेविया सांतिपित्कस ने कहा कि मैं यहां पहली बार आई हूं। स्वागत से अभिभूत हूं ।शहरों के क्षमता विकास में आर्थिक विकास एक कड़ी है। थाईलैंड में अगले 20 साल की जरूरतों और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए शहरीकरण की योजना बनाई गई है । जिसमें स्मार्ट सिटी का काम भी शामिल है। थाईलैंड की राजधानी बैंकाक के लिए 2022 तक लोगों को पूरी तरह से स्मार्ट करने की योजना है ,जिसमें स्मार्ट सिटी, स्मार्ट कनेक्टिविटी ,स्मार्ट ह्यूमन राइट्स इत्यादि शामिल है।
इस मौके पर नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने निवेशकों से आग्रह किया कि झारखंड की शहरी विकास में सहभागी बनें । उन्होंने कहा कि झारखंड में विकास की असीम संभावनाएं हैं। निवेशक बिल्कुल सुरक्षित महसूस करते हुए यहां की योजनाओं में निवेश कर सकते हैं । उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र में निवेश पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निवेशकों से यह भी आग्रह किया की सरकार चाहती है ,लोगों को गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना उपलब्ध कराया जाए । इसलिए कई नीतियों में बदलाव करते हुए उन्हें सरल बनाया गया । पीपीपी मोड पर तैयार होने वाली आधारभूत संरचना के लिए धन देने के लिए भी बैंक तैयार हैं । जरूरत है कि कंपनियां आगे आएं और इस दिशा में सकारात्मक सहयोग करें।
इस कार्यक्रम में यूको बैंक के कार्यकारी निदेशक चरण सिंह ने शहरी विकास में बैंक की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन देते हुए बैंकों की भूमिका पर विशेष चर्चा की।
भवन निर्माण विभाग झारखंड के सचिव श्री सुनील कुमार ने झारखंड में विभिन्न विभागों की भवनों के निर्माण पर विस्तृत प्रजेंटेशन दिया और कहां की इन भवनों में तमाम अत्याधुनिक जरूरतों के साथ साथ पर्यावरण जल संरक्षण और ऊर्जा संरक्षण के सारे उपाय किए गए है।
राज्य सरकार के उद्योग सचिव के रवि कुमार ने भी उद्योग और शहरों के बीच के संबंधों पर विस्तृत जानकारी साझा किया और उद्योग कैसे शहरों के विकास में सहभागिता निभाएगा इस पर चर्चा की।
इस मौके पर नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक श्री मृत्युंजय वर्णवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की पूरी रूपरेखा और झारखंड सरकार की तैयारी को निवेशकों और विदेशी मेहमानों के समक्ष पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए रखा। बताया कि निवेशकों के लिए बहुत सही समय है कि वे इस क्षेत्र में वह निवेश करें।
तेलंगाना के विशेष मुख्य सचिव श्री अजय मिश्रा ने कहा की स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी है कि आप अब ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी की ओर आगे ढें इस दिशा में तेलंगाना सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विशेषकर हमारा फोकस सोलर एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत के पश्चिमी क्षेत्रों को छोड़कर औसतन प्रति व्यक्ति 1250 यूनिट सालाना ऊर्जा की मांग है । जबकि पश्चिमी भागों में 3000 से 4000 यूनिट तक की मांग है तेलंगाना में 5 साल पहले 12 सौ यूनिट की मांग थी जबकि वर्तमान में यह बढ़कर 1750 तक पहुंच गई है। आज देश प्रतिशत ऊर्जा की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में सोलर ऊर्जा पर तेजी से काम हो रहा है 5000 मेगा वाट सोलर ऊर्जा की जरूरत है। सोलर ऊर्जा से 183 जगहों पर 3500 मेगा वाट बिजली उत्पादन की योजना है। राज्य के जल संसाधन विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरूण कुमार सिंह ने शहरीकरण मे जल संरक्षण की भूमिका पर प्रकाश डाला। शहरों में बन रहे भवनों मे जल संरक्षण की उपायों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में इसके बाद शहरों में भवन निर्माण के क्षेत्र में की जा रहे कार्यों संभावनाओं और चुनौतियों पर पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया जिस के संचालक रांची के नगर आयुक्त मनोज कुमार रहे।
जालंधर स्मार्ट सिटी के प्रमंडलीय आयुक्त बी पुरुषार्थ, रायपुर के नगर आयुक्त शिव अनंत तयाल, चेन्नई स्मार्ट सिटी के सीईओ राज चेरूबल, कर्नाटक के अधिकारी सीपी नारायण स्वामी, जम्मू कश्मीर के अधिकारी अमित शर्मा यूपी के अधिकारी पीके श्रीवास्तव एलएनटी के जे बैंकटेस, हनीवेल के असीम जोशी इस पैनल डिस्कशन में मौजूद थे।
इसके बाद झारखंड की ऊर्जा सचिव वंदना डडल में स्वच्छ ऊर्जा के संबंध में तैयार किए गए कार्यक्रमों की प्रस्तुतीकरण की।

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