राष्ट्रपति चुनाव : उम्मीदवार के नाम पर ‘लुकाछिपी’

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बीजेपी और विपक्ष में दांवपेच जारी है। शह और मात के इस खेल में एक-दूसरे को टटोलने का दौर चल रहा है। शुक्रवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर सर्वसम्मति बनाने के लिए बीजेपी नेता राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी से मुलाकात की। हालांकि सत्ता पक्ष ने विपक्षी नेताओं से चर्चा में किसी नाम का प्रस्ताव नहीं दिया। वहीं सीपीएम ने राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए धर्मनिरपेक्ष चेहरे की 'शर्त' रखी है। सरकार और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर पत्ते नहीं खोल रहे हैं।

राजनाथ और वेंकैया ने सोनिया गांधी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। हालांकि उम्मीदवार को लेकर कोई स्पष्ट बात नहीं हो पाई। इसके बाद दोनों सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी से मिले। सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने उनसे मुलाकात की लेकिन राष्ट्रपति पद के लिए किसी नाम का प्रस्ताव नहीं दिया। येचुरी ने कहा कि जब तक सत्ता पक्ष नाम के साथ नहीं आता तब तक उनके साथ आगे कोई चर्चा नहीं हो सकती।
उधर, राजनाथ-वेंकैया की सोनिया से मुलाकात के बारे में बताते हुए कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बीजेपी नेताओं ने कोई नाम नहीं दिया बल्कि उल्टा हमसे ही नाम पूछने की कोशिश की। हम अपेक्षा कर रहे थे कि वे नाम बताएं, ताकि उस पर चर्चा हो सके। लेकिन सरकार की तरफ से कोई नाम नहीं आया। वहीं बीजेपी नेताओं ने बताया कि इस बाबत कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है। जब तक हमारे सामने कोई नाम नहीं आता है, तब तक उम्मीदवार पर चर्चा और सहयोग का सवाल ही नहीं है।

राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम को लेकर कांग्रेस खुद भी उलझी हुई है। विपक्षी पार्टियां अपनी रणनीति पर फैसला करने से पहले NDA के उम्मीदवार की घोषणा का इंतजार कर रही हैं।

कांग्रेस की रणनीति को टटोलने के साथ ही बीजेपी इस मुद्दे पर अपने सहयोगी दलों को भी एकजुट करने में लगी हुई है। रूठी शिवसेना को मनाने की कमान खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संभाली है।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्षी पार्टियों के साथ राष्ट्रपति उम्मीदवार पर सर्वसम्मति बनाने को लेकर एक समिति का गठन किया है, जिसमें राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू तथा अरुण जेटली भी शामिल हैं। राष्ट्रपति पद के लिए NDA की तरफ से दौड़ में कई नाम हैं। इनमें लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का नाम भी सामने आ रहा है। बीजेपी में यह भी चर्चा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुरली मनोहर जोशी के नाम की वकालत कर सकता है।

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