राम टहल बिगड़ सकते हैं भाजपा का गणित,निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में करेंगे नामांकन

रांची लोकसभा सीट से भाजपा से बेटिकट रामटहल चौधरी भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ का गणित बिगड़ सकते हैं.टिकट नहीं मिलने पर वे अपने आंसू रोक नहीं पाए और साफ कहा कि भाजपा मैं इतने दोनों तक पार्टी में रहकर सेवा किया और मेवा की जब बारी आइ तो पार्टी ने पैदल कर दिया. इसका अंजाम भाजपा को भुगतना पड़ेगा.उन्होंने रांची लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है. क्षेत्र की जनता की मांग है कि वह चुनाव लड़ें. वह 17 अप्रैल को रांची संसदीय सीट से नामांकन करेंगे. उन्होंने कहा कि वह किसी अन्य पार्टी में नहीं जा रहे हैं. मैंने शुरू से कह रखा था कि यदि पार्टी मुझे टिकट नहीं देती है तो मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा.

मुझे अब पार्टी से क्या मतलब है. पार्टी से इस्तीफा दे देंगे :

बातचीत में रामटहल चौधरी का दर्द भी छलका. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी ने मुझे किनारे कर दिया था, उसी दिन मैंने कहा था कि निर्दलीय चुनाव लड़ंगा. पार्टी से क्या मतलब है. पार्टी ने डिस्चार्ज कर दिया है, मुझे अब पार्टी से क्या मतलब है. पार्टी से इस्तीफा दे देंगे.

भाजपा ने रांची से संजय सेठ को बनाया है उम्मीदवार :

रांची लोकसभा सीट से भाजपा ने इस बार खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ को उम्मीदवार बनाया है. शनिवार को उनके नाम की विधिवत घोषणा की गयी. उसके बाद ही रामटहल चौधरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया. जब से इस बात की चर्चा हो रही थी कि पार्टी इस बार उनका टिकट काटेगी, तब से वह बागी तेवर अपनाये हुए थे. उन्होंने घोषणा कर रखी थी कि पार्टी का टिकट न मल पाने की स्थिति में वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे.

महतो वोट पर है भरोसा :

रांची के सासंद रामटहल चौधरी को बीजेपी के परंपरागत वोट तो मिलते ही थे, उनकी महतो वोट बैंक पर भी अच्छी पकड़ मानी जाती है. रांची लोकसभा सीट में चार लाख से भी अधिक महतो वोटर हैं. श्री चौधरी को उसी वोट बैंक पर पूरा भरोसा है. उन्हें उम्मीद है कि पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्हें इस वोट बैंक का पूरा समर्थन मिलेगा.

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