महात्मा गांधी ने भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में पहचान दिलाई : अमित शाह

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नई दिल्ली से गांधी संकल्प यात्रा की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं, नेताओं और लोगों से कहा कि मैं देशभर के करोड़ों कार्यकर्ताओं को कहना चाहता हूं कि गांधी 150 हम सब के लिए संकल्प का वर्ष बने, गांधी 150 राष्ट्र को एक मुकाम आगे ले जाने का वर्ष बने।

उन्होंने कहा, ‘आज गांधी जयंती के दिन पूरा देश कृतज्ञ भाव के साथ उस महामानव को श्रद्धांजलि दे रहा है, जिसने ने केवल देश के आगे जाने का रास्ता प्रशस्त किया, जिसने सत्य और अहिंसा के रास्ते को फिर एक बार दुनिया के सामने रखा, इसके साथ ही भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में पहचान दिलाई।’

शाह ने कहा, ‘महात्मा गांधी एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने न केवल देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय मुल्यों को नई पहचान दी। सत्याग्रह के माध्यम से अंग्रेजों को उस अदने से आदमी ने झुकने के लिए मजबूर कर दिया।’

प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए शाह ने कहा, ‘दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने जल शक्ति मंत्रालय बनाया। जल संचय करना, जल के बचाव करने के लिए जनता में जागरूकता लाना ये काम मोदी जी ने अपने हाथ में लिया है। इसी का परिणाम है कि आज देश में लाखों तालाब पानी से भरे हैं।’

सिंगल यूज प्लास्टिक पर उन्होंने कहा कि अब मोदी जी देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लेकर निकले हैं। इसे भी जन आंदोलन बनाने की जिम्मेदारी देश की जनता और भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं की है। प्लास्टिक हमारे वातारवण और स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। मैं सभी लोगों को आग्रह करता हूं कि गांधी जयंती के दिन प्लास्टिक के थैले का उपयोग न करने का प्रण लें।

शाह ने कहा कि देशभर में भाजपा के कार्यकर्ता आज से लेकर 31 अक्टूबर तक 150 किमी पद यात्रा कर गांधी जी के मूल्यों को जन जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। स्वदेश, स्वधर्म, स्वभाषा और स्वदेशी के मूल्यों को हम गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। 

उन्होंने कहा कि वो महामानव जिसने पूरी दुनिया की समस्याओं को सुलझाने का रास्ता दिखाया, जिसने लोकतांत्रिक मूल्यों की जड़ें पाताल जितनी नीचे तक पहुंचाई, वो महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से लेकर 152वीं जयंती तक उनके विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे। हम गांधी जी के संदेश, बिना काम का धन, विवेकरहित खुशी, बिना चरित्र का ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, त्याग के बिना धर्म, मानवता के बिना विज्ञान और सिद्धांत के बिना राजनीति, इन सबका त्याग करने के लिए हम पूरे देश में जागरुकता फैलाएंगे।

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