भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मुंडा पहुंचे तमाड़, देवड़ी मंदिर में पूजा अर्चना कर जीत का लिया आशीर्वाद

लोकसभा चुनाव की तारीख जैसे -जैसे नजदीक आ रही है चुनाव प्रचार भी जोर पड़ने लगा है.खूंटी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मुंडा शनिवार को तमाड़ पहुंचे.जहां देवड़ी मंदिर में पूजा अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया.उनके साथ उनकी पत्नी मीरा मुंडा भी थी.पूजा करने के बाद उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी किया,साथ ही कई लोगों से मुलाक़ात किया. बताते चले कि खूंटी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट मिलने के बाद दो दिन पहले खूंटी के अमरेश्वर धाम पहुंचे और पूजा अर्चन किया था.साथ ही खूंटी में कड़िया मुंडा से मिलकर उनका आशीर्वाद भी लिया था.मिश्राटोली से नेताठ चौक तक भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा किया और नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था. मुंडा ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया था.
खूंटी लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का बोलबाला रहा है। कड़िया मुंडा लगातार जीतते रहे हैं। साफ छवि के नेता माने जाते हैं लेकिन भाजपा के गढ़ में अगर राजनीति शून्यता दिखाई देती है तो मान लीजिए कि आदिवासी हितों को लेकर घोषणाओं और अमलीजामा में टकराव है। बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते लोग आज भी विकास नाम की चिड़िया को नहीं जानते हैं। खूंटी की मतदाताओं का मिजाज समझने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे सादगी पसंद लोग हैं और जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। उनकी सादगी का आलम ये है कि नक्सल ने अपनी जड़े इस इलाके में बड़ी आसानी से जमा ली थीं। इतना ही नहीं पत्थलगढ़ी के नाम पर यहां की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले चंद मौकापरस्तों ने पूरे खूंटी को आग में झोंक दिया। सरकार और संविधान के खिलाफ लोगों को भड़काने की साजिशें रची गईं। तमाम राजनीतिक दलों में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और पत्थलगढ़ी जैसे मुद्दे पर सरकार की छीछालेदर हो गई।
कोई दिल से उतर जाता है तो कोई दिल में उतर जाता है। मुंडा के सामने दिल में उतरने की चुनौती है क्योंकि पुराने जख्मों का हिसाब भी अवाम मांगेगी और नये रास्तों के लिए उनकी सोच की परीक्षा भी लेगी। अवाम के हर पहलू को समझना होगा और साथ लेकर चलने की बात करनी होगी। हर बात करने से पहले इस बात पर भी मंथन करना होगा कि आन्दोलन की धरती के कौन से ऐसे मुद्दे हैं जो आज भी जीवंत हैं और निष्पादन का रास्ता देख रहे हैं। हालांकि कड़िया मुंडा ने अर्जुन मुंडा के प्रति पूर्ण सादगी के साथ समर्थन देने की बात कही है फिर भी अपने हिस्सा का दीया तो अर्जुन मुंडा को खुद ही जलाना ही होगा। लिहाजा, कड़िया मुंडा ने तहे दिल से अर्जुन मुंडा को अग्रिम शुभकामनाएं दे दी हैं सवाल सिर्फ समझने का और समझाने का है।

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