भाजपा ने मुझे बेटिकट किया ,जनता ने नहीं: रामटहल

भाजपा से बेटिकट हुए राम टहल चौधरी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता आयोजित कर सरकार के खिलाफ जमकर अपना भड़ास निकला. उन्होंने कहा कि रांची लोकसभा सीट से मैं हर हाल में चुनाव लडूंगा और 16  को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करूंगा.साथ ही भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र मिडिया को दिखाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुझे बेटिकट किया है, जनता ने नहीं. पिछली बार भी जनता ने भाजपा को नहीं मुझे वोट दिया था.भाजपा से पूरे देश की जनता नाराज है और इसबार भाजपा को निराशा हाथ लगने वाली है. श्री चौधरी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ मैंने हमेशा विरोध करने का काम किया है. उसी का खामियाजा मुझे इस बार टिकट से पैदल कर दिया गया.झारखण्ड में जाति प्रमाण पत्र का मामला सदन में उठाया,झारखंफ में हर साल जात बदलता है। नोटबन्दी से लोगों को परेशानी हुई। बिजली बिल में बढ़ोतरी का मामला,पारा शिक्षकों के मामले में मैंने सरकार की नीतियों के खिलाफ बिरोध किया था.इसके अलावा राज्य में स्थानीय निति से स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिला है.इसका भी मैंने विरोध किया था. उन्होंने कहा कि मुझे भाजपा से धमकी दिया जा रहा है,कहता है कि जो लालू के हाल हो रहा है, वहीं आपका हो सकता है। मुझे दयानंद कच्छप ने फोन किया था। उन्होंने कहा कि 30 तक मैं इंतजार किया था,टिकट नहीं मिला तब निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया। रामटहल चौधरी अंगद का पैर है कोई उखाड़ नहीं सकता है। मैं अभी भाजपा से त्यागपत्र देता हूँ अब मैं स्वतंत्र हूँ।

रामटहल चौधरी ने कहा कि मैं दो बार विधायक और पांच बार सांसद रह चुका हूँ। नरेंद मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए मैंने और कार्यकर्ताओं ने दिन रात मेहनत किया लेकिन पार्टी में बैठे कुछ लोग अपने आप को भाजपा समझते हैं और चुनाव के टिकट बांटने से पहले एक बार भी मुझसे कोई सलाह, पूछताछ भी नहीं किया। ऐसा लगता है कि राज्य और केंद्र की सरकार तानाशाह तरीके से सरकार चला रही हैं। मैने पार्टी में रहकर पार्टी के जन विरोधी नीतियों के खिलाफ हमेशा पार्टी का विरोध किया, जिसके वजह से आज मेरा टिकट काट दिया गया। मैंने जनता का सेवक होने के नाते जनता की समस्याओं को सड़क से ले कर सदन तक आवाज उठाने का काम किया। चाहे वह पारा शिक्षक का मामला हो, बिजली बिल की बढ़ोतरी, नोटबंदी, जीएसटी, जाति प्रमाण पत्र, स्मार्ट सिटी, रोड, नाली, छात्रवृत्ति में कटौती, शराबबंदी, स्थानीय नीति में सुधार, कुर्मी को आदिवासी का दर्जा की मांग, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका, सीएनटी/एसपीटी एक्ट का मामला हो, हमेशा मैने जनता की समस्याओं को उठाया।

चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब मैं भविष्य में कभी भाजपा मैं नहीं जाऊंगा। भाजपा में कुछ लोग अपने तरीके से पार्टी को चला रहे हैं। भाजपा को स्व. अटल जी और आडवाणी जैसे लोग पार्टी को सींच कर आज यहाँ तक पहुचाया लेकिन आज आडवाणी जी के साथ क्या हो रहा है ये किसी से छुपा नही है।

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