बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन प्रारंभ

वैश्विक महामारी के बीच अब बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी मंथन प्रारंभ हो गया है.सत्ता पक्ष भाजपा,जेडीयू और लोजपा के नेता भी अपनी तैयारी में जुट गये हैं.वहीँ महागठबंधन के घटक दल भी पीछे नहीं है.वे भी चुनाव पर मंथन करना प्रारंभ कर दिए हैं.हालांकि चुनाव पर मंथन बिहार में कई राजनीतिक पार्टी जनवरी से ही प्रारम्भ कर दिया था. लेकिन कोरोना के कारण  बीच में उसकी तैयारी पर विराम लग गया.अब फिर से सभी लोग सक्रिय होने लगे हैं. इस बीच कोरोना को लेकर मंगलवार को महागठबंधन के घटक दल की बैठक हुई.इसमें  वीआईपी पार्टी के चीफ मुकेश सहनी, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हुए । आश्चर्य की बात यह थी कि यह बैठक आने वाले चुनाव और मौदूदा कोरोना संकट को लेकर आयोजित की गई थी, इसमें कांग्रेस और आरजेडी का कोई नेता तो दूर की बात जिला स्तर का कोई कार्यकर्ता भी शामिल नहीं हुआ।पटना में हुए इस बैठक में राजद और कांग्रेस के शामिल नहीं होने पर RLSP के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इस बैठक को चुनाव के नजरिए से देखना ठीक नहीं होगा। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के इस काल में किस प्रकार लोगों की मदद करनी है और कैसे सरकार की ओर से की जा रही लापरवाही को जनता तक ले जाना है इस पर चर्चा की गई है। उन्होंने फिर दावा किया कि यह महागठबंधन की बैठक नहीं थी और महागठबंधन पहले से भी ज्यादा मजबूत हुआ है।पहले भी इस तरह की हो चुकी है बैठक

आज की बैठक के पहले भी यही तीन दल पहले भी दो बार इस तरह की मीटिंग कर चुके हैं। पहली बैठक भी कांग्रेस-आरजेडी के नेताओं के बगैर वीआईपी पार्टी के दफ्तर में ही भोज के साथ आयोजित की गई थी। इसके बाद पटना के ही होटल चाणक्य में इन्हीं तीनो दलों की ओर से मीटिंग की गई थी और उस मीटिंग में शरद यादव भी शामिल हुए थे। तब यह कहा जा रहा था कि शरद यादव के साथ उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम और मुकेश सहनी की वाआईपी पार्टी मिलकर एक नया गठबंधन बिहार में खड़ा कर सकते हैं। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ, हालांकि उस वक्त भी सभी दलों ने महागठबंधन के इंटैक्ट होने की बात कही थी।

दो महीने पहले हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। मांझी की नीतीश से मुलाकात के भी कई मायने निकाले जा रहे थे। लेकिन तब जीतन राम मांझी ने कहा कि था कि वो अपने क्षेत्र के विकास कार्य को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने गये थे।

वहीं कांग्रेस का भी यही कहना है कि तीनों दल महागठबंधन में मजबूती के साथ खड़े हैं और आज की चर्चा के दौरान महागठबंधन के तीनों नेताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया।

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