बहुत देर कर दी हुजुर आते आते…10 दिन के ड्रामा के बाद अन्नपूर्णा देवी राजद से निष्कासित

यह पिछले 10 दिनों से चल रहा था. झारखंड में महागठबंधन के नेता सीट बंटवारे में लगे हुए थे और महागठबंधन के महत्वपूर्ण घटक राजद की प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी भाजपा में जाने की गोपनीय तैयारी कर रही थी. यह तैयारी इतनी गोपनीय थी की रांची में मौजूद लालू प्रसाद को भी इसकी भनक नहीं लगी. खैर, सोमवार को राजद ने अन्नपूर्णा देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया.


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अन्नपूर्णा देवी आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेहद करीबी मानी जाती थीं. वह कुछ गिने चुने नेताओं में थी, जिसके कहे को लालू प्रसाद का फरमान समझा जाता था. वह लालू प्रसाद यादव से रांची जेल में भी लगातार मिलती रही थी, ऐसे में उनके राजद से इस तरह अचानक अलग होने के कई मायने निकाले जा रहे हैं. खुद राजद नेता भी भौंचक हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ !

राजद अब भी चतरा और पलामू पर से अपनी दावेदारी नहीं छोड़ रहा. महागठबंधन ने रविवार को सीट शेयरिंग की घोषणा की थी, जिसमें राजद के लिए पलामू की सीट छोड़ी गयी थी. अब आरजेडी ने महागठबंधन के दलों को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए सीट शेयरिंग पर पुनर्विचार के लिए आग्रह किया है.

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