प्रवासी मजदूरों को अपने ही राज्य में रोजगार देने की दिशा में सरकार कर रही ही काम : हेमन्त सोरेन

राज्य में खनन के अलावा अन्य क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष जोर है. इसके लिए अलग-अलग माध्यमों से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दने के लिए चरणबद्ध तरीके से सरकार आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज तमिलनाडु से मुक्त कराई गई झारखंड की 22 लड़कियों को टेक्सटाइल्स उद्योग से जुड़े मेसर्स किशोर एक्सोर्ट्स, कुल्ही इंडस्ट्रियल एरिया, ओरमांझी (रांची) में नियोजन को लेकर नियुक्ति पत्र सौंपने के दरम्यान कही. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी कपड़ा उद्योग में व्यापक संभावनाएं है. आनेवाले कुछ दिनों में इस सेक्टर में लगभग आठ हजार लोगों को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के युवक-युवतियों को अपने ही राज्य में रोजगार देने की इच्छुक कंपनियों को सरकार की ओर से पूरी सहयोग किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री को अरविंद ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से एक लाख एन-95 मास्क उपलब्ध कराने के सिलसिले में लेटर ऑफ इनटेंट भी सौंपा गया. कार्यक्रम में एसोशिएशन ऑफ एपरैल्स एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया.

कोरोना संकट से पता चला कि यहां के लाखों मजदूर दूसरे राज्यों में काम करते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड से लाखों की संख्या में लोग रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों का रूख करते हैं, यह सरकार को मालूम नहीं था, लेकिन कोरोना संकट और लॉकडाउन से डरे और भयभीत मजदूर मजबूर होकर वापस अपने राज्य लौटे तो उनके आंकड़े सरकार को प्राप्त हुए. इसके बाद ही सरकार ने निर्णय लिया कि प्रवासी मजदूरों को अपने ही राज्य मे रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. इस दिशा में पहल शुरू कर दी गई और अगले दो माह में ज्यादा से ज्यादा लोगों को विभिन्न सेक्टरों में नियोजित किया जाएगा. इसके लिए उद्योग विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है.

रोजगार सृजन के लिए लागू की गई कई योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट में भी ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन का काम सरकार के स्तर पर किया जा रहा है. इसके तहत मनरेगा के तहत तीन बड़ी योजनाओं के अलावा शहरी मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक योजना शुरू की गई है. इन योजनाओं के माध्यम से लाखों मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा.

राज्य में भी वस्त्र उद्योग में रोजगार की व्यापक संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड मजदूर बहुल राज्य है. यहां का लाखों मजदूर दूसरे राज्यों में काम करते हैं. यहां के करीब एक लाख मजदूरों को वस्त्र क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव है. ऐसे में राज्य में भी वस्त्र उद्योग में व्यापक संभावनाएं हें. अगर इसमें हम कामयाब होते हैं तो लगभग दो लाख लोगों को इस क्षेत्र में रोजगार मिल पाएगा. राज्य में कपड़ा उद्योग स्थापित करने वाली कंपनियों को सरकार हर तरह से मदद करने को तैयार है.

अरविंद मिल्स देगी एक लाख एन-95 मास्क

इस कार्यक्रम में अरविंद ग्रुप ऑफ कंपनीज ने एक लाख एन-95 मास्क उपलब्ध कराने को लेकर मुख्यमंत्री को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा. मुख्यमंत्री ने कंपनी का आभार जताते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में आपका यह सहयोग सराहनीय है. उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से कोरोना को मात देने में हम कामयाब होंगे.

इन लड़कियों को मिला है नियुक्ति पत्र

मेसर्स किशोर एक्सपोर्ट्स, कुल्ही इंडस्ट्रियल एरिया, ओऱमांझी, रांची में जिन लड़कियों को नियोजित किया गया है उनमें चतरा की अनिमा एक्का, गुमला की बहलीन केरकेट्टा, हजारीबाग की सुमित्रा टोप्पो, लातेहार की मुनिता कुमारी, संगीता कुमारी, मनमति कुमारी, संगीता कुमारी, बालमणि कुमारी, सुनीता कुमारी, फुलवंती कुमारी, शोभा कुमारी, संगीता कुमारी और रबनीता कुमारी, पलामू की नीपू कुमारी एवं सुमन कुमारी और रांची की उमा कुमारी, नागी कुमारी, सीमा कुमारी, प्रमिला कुमारी, नेहा मुंडा, रानी कुमारी और सुनीता जरीया शामिल हैं.

इस मौके पर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, उद्योग विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल और किशोर एक्सपोर्ट्स के प्रबंध निदेशक श्री दीपक अग्रवाल और अरविंद ग्रुप ऑफ कंपनीज के हेड, कॉरपोरेट अफेयर्स श्री अंकुर त्रिवेदी प्रमुख रुप से उपस्थित थे.

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