पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को किसानों ने उखाड़ फेंका

पंजाब से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं। इन किसानों को रोकने के लिए पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। गुरुवार को ये किसान जैसे ही अंबाला के नजदीक  बॉर्डर पर पहुंचे, वहां बवाल हो गया। पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को किसानों ने उखाड़ फेंका, जिसके बाद पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैसे के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर शंभू अंतरराज्यीय सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां किसानों ने घग्गर नदी में पुलिस बैरिकेड को फेंक दिया। कई किसान हाथ में काले झंडे लिए भी नजर आए। राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने कई अवरोधक लगाएं हैं। मौके पर मौजूद एक किसान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह निंदनीय है कि हरियाणा पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ऐसे उपाय कर रही है। हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन वे विरोध करने के हमारे लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने से हमें रोकना चाहते हैं।’’ इससे पहले अंबाला के मोहरा गांव में भी किसानों के एक समूह ने अवरोधक लांघने की कोशिश की थी और वहां भी पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार की थी। हरियाणा ने बृहस्पतिवार को पंजाब से लगी अपनी सभी सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया है। हरियाणा में भाजपा सरकार ने पहले ही कहा था कि वह किसानों के दिल्ली की ओर जुलूस निकालने के मद्देनजर 26 और 27 नवम्बर को पंजाब से लगी अपनी सीमाओं को बंद कर देगी।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा था कि उसने केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के लिए विभिन्न किसान संगठनों से मिले सभी अनुरोधों को खारिज कर दिया है। पुलिस ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के बीच किसी प्रकार का जमावड़ा करने के लिए शहर आने पर प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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