नीतीश की गुगली

-सोनिया को ना, मोदी को हां

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर 17 विपक्षी पार्टियों के नेताओं की बैठक से गायब रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पीएम नरेंद्र मोदी के लंच में शामिल होंगे. नीतीश के इस कदम से एक बार फिर उनकी बीजेपी से नजदीकी के अटकलें लगने लगी हैं. वही विपक्ष की एकता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी नेताओं की बुलाई गई बैठक को राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ संभावित गठबंधन की पृष्ठभूमि तैयार करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा था.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा दिए भोज में हिस्सा न लेने पर हालांकि नीतीश कुमार ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि लंच पर मेरी गैरमौजूदगी का गलत मतलब निकाला गया. उन्होंने कहा कि जेडीयू नेता शरद यादव उस लंच मीटिंग में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. नीतीश नेपत्रकारों से कहा, 'मैं सोनिया जी से अप्रैल में ही मिल चुका था और जिन मुद्दों पर इस बार चर्चा होनी थी उन पर पहले ही चर्चा कर चुका था. इस बार उन्होंने सभी पार्टियों को लंच पर बुलाया था. हमारी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव जेडीयू की तरफ से लंच में गए थे. ऐसी कोई बात नहीं है कि मैंने लंच से दूरी बनाई. यह सिर्फ इसकी गलत व्याख्या है.'

बता दें कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंच का कार्यक्रम रखा है. इसके लिए नीतीश को भी बुलावा भेजा गया है. बिहार के सीएम ने कहा, 'मैं मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में पीएम मोदी द्वारा दिए जा रहे लंच में शामिल होऊंगा. ' मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ शुक्रवार से भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं. अपने पिता अनिरुद्ध जगन्नाथ की जगह जनवरी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री बनने वाले प्रविंद जगन्नाथ का बतौर पीएम यह पहला विदेशी दौरा है.

आपको बता दें कि जदयू ने भाजपा के साथ अपना 17 साल पुराना गठबंधन तब तोड़ लिया था जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था. इस तरह की अटकलों को राजद प्रमुख लालू प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाला के चार मामलों में मुकदमा चलाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले और लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार के नए आरोपों के बाद और बल मिला है. नीतीश कुमार बिहार में जदयू—राजद—कांग्रेस महागठबंधन सरकार के नेता हैं. मुख्यमंत्री ने राजद प्रमुख और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोपों पर चुप्पी साध रखी है.

उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि उनकी जांच केंद्र सरकार को करानी है. दिल्ली की हालिया यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने कथित तौर पर भाजपा नीत राजग के खिलाफ व्यापक विपक्षी एकता पर जोर दिया था. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी इस सिलसिले में मुलाकात की थी. नीतीश कुमार के करीबी सूत्रों ने अक्सर उनके और भाजपा के संबंधों में बढ़ती नजदीकियों से संबंधित खबरों को खारिज किया है.

पर सोनिया गांधी के लंच में न पहुंचने और पीएम मोदी द्वारा आयोजित लंच में जाने की अटकलों ने जदयू और बीजेपी के बीच गठबंधन की खबरों को हवा देने का काम किया है. विपक्ष की बैठक से नीतीश के नदारद रहने को राष्ट्रपति पद के आगामी चुनाव में गैर भाजपा दलों द्वारा एक साझा उम्मीदवार खड़ा करने की कोशिशों को लगे झटके की तरह देखा जा रहा है, इसे लेकर नीतीश ने कहा, ‘मैं पहले ही इसपर सोनिया गांधी से मिल चुका हूं और दूसरे दलों के प्रमुख नेताओं से फोन पर बात की है.’

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