निराशा फ़ैलाने के लिए हजारों कारण होते हैं लेकिन जीवन जीने के विश्वास जरूरी है : पीएम मोदी

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन है। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की जनता से शाम पांच बजे संवाद किया। मोदी ने कहा- मां शैलपुत्री से प्रार्थना है कि कोरोना के विरूद्ध जो युद्ध देश ने छेड़ा है, उसमं हिंदुस्तान और 130 करोड़ देशवासियों को विजय हासिल हो। काशी का सांसद होने के नाते मुझे ऐसे समय आपके बीच में होना चाहिए था। लेकिन, दिल्ली में जो गतिविधियां होनी चाहिए,उससे आप परिचित हैं। मैं वाराणसी के बारे में मैं निरंतर अपडेट ले रहा हूं। महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था। आज कोरोना के खिलाफ युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं।

मोदी ने कहा कि आज 130 करोड़ महारथियों के साथ मुझे यह युद्ध जीतना है। संकट की इस घड़ी में काशी सबका मार्गदर्शन कर सकती है। काशी का अनुभव शाश्वत, सनातन है। आद लॉकडाउन की परिस्थिति में देश को संयम,समन्वय और संवेदनशीलता सिखा सकती है। साधना, सेवा और समाधान सिखा सकती है। काशी यानी शिव। शिव यानी कल्याण। महादेव की नगरी में संकट से जूझने और सबको राह दिखाने का साहस नहीं होगा तो किसमें होगा। कोरोना के लिए देशभर में व्यापक तैयारी की जा रही है। लेकिन, हम सबको यह ध्यान रखना है कि सोशल डिस्टेंसिंग, घरों में बंद रहना इस समय एकमात्र उपाय है। उन्होंने संसदीय क्षेत्र के लोगों से ‘नरेंद्र मोदी ऐप’ के जरिए सुझाव भी मांगे थे। 

देश में अब तक कोरोना से संक्रमण के साढ़े 598 मामले आ चुके हैं। जबकि, 11 की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 22 मार्च को देश की जनता से खुद पर कर्फ्यू लगाने का आह्वान किया था। जिसका लोगों ने बखूबी पालन किया। अगले दिन से यूपी में 3 दिनों के लिए लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया। लेकिन ऐसी तमाम तस्वीरें सामने आईं, जिसमें लोग लॉकडाउन का उलंघन करते हुए नजर आए। कमोबेश यही हालत देशभर में रहे। जिसके बाद प्रधानमंत्री ने मंगलवार रात देशभर में लॉकडाउन (कर्फ्यू जैसे हालात) की घोषणा कर दी। इससे जो जहां था, वहीं थम गया।  

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस की बीमारी को आपदा घोषित कर दिया गया है। प्रदेश में अब तक संक्रमण के 38 टेस्ट पॉजिटिव आए हैं। कोरोना बीमारी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि, बीते 24 घंटे के भीतर 5 नए केस आए। हालांकि, राहत की बात ये है कि, 11 लोग इलाज के बीच ठीक भी हो चुके हैं. 

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