देश में आर्थिक मंदी के लिए जनसंख्या जिम्मेदार : जितिन प्रसाद

जहां एक ओर केंद्र की मोदी सरकार अर्थव्यवस्था में दिख रही मंदी के लिए विपक्ष की आलोचनाओं का शिकार है वहीं ऐसे में कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद की तरफ से आया एक बयान सरकार को राहत दे सकता है. कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने कहा है कि देश में आर्थिक मंदी के लिए जनसंख्या जिम्मेदार है. उन्होंने बढ़ती हुई बेरोजगारी के लिए भी जनसंख्या को जिम्मेदार ठहराया है.

जितिन प्रसाद ने बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था में मंदी के लिए जनसंख्या को जिम्मेदार बताते हुए जनसंख्या रोक के लिए कानून की मांग भी की. उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण पर राष्ट्रव्यापी चर्चा होनी चाहिए और इसके लिए कानून बनाया जाना चाहिए. अगर देश को आगे बढ़ना है तो इसके लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे. मैं सरकार से मांग करता हूं कि इसके लिए जिस भी कानून को लाने की जरूरत पड़े, सरकार को उसे लाना चाहिए.

उन्होंने ये भी कहा कि अर्थव्यवस्था डूब रही है और बेरोजगारी बढ़ रही है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जनसंख्या को नियंत्रण में नहीं किया गया. भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या के चलते पर्यावरण पर असर, जल संकट, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ा. लिहाजा राष्ट्रीय हित में ये जरूरी है कि हम सबको राजनीति से ऊपर उठकर मिलकर काम करना चाहिए.

जितिन प्रसाद ने कहा कि सबसे पहले राष्ट्र आता है. लोग और पार्टियां उसके बाद आते हैं. जो चीजें देश के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं वो ही महत्वपूर्ण हैं. जनसंख्या नियंत्रण देश के लिए बेहद अहम है और इस पर कानून बनाया जाना चाहिए. जनता भी देश की बढ़ती हुई जनसंख्या पर नियंत्रण चाहती है. कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए पहले कोशिश की है और आज हमें फिर कोशिशों की जरूरत है. बेतहाशा बढ़ी जनसंख्या आने वाली पीढ़ियों पर असर डालेगी. मैंने जमीनी तौर पर लोगों से बात की है और लोग इस पक्ष में हैं कि जनसंख्या पर नियंत्रण किया जाना चाहिए.

बता दें कि इस समय सरकार चारों ओर से आर्थिक मंदी पर आलोचनाओं से घिरी हुई है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कहा है कि मोदी सरकार के किए गए नोटबंदी और जीएसटी के फैसलों से देश मंदी के जाल में फंसा है. लिहाजा मोदी सरकार की नीतियों की जगह कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद का जनसंख्या को आर्थिक मंदी का कारण बताना मोदी सरकार के लिए थोड़ी राहत लेकर आ सकता है.

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