दूसरे प्रदेश से मजदूरों की वापसी से बिहार सरकार की चिंता बढ़ा दी

21 दिन तक चलने वाले लॉकडाउन का रविवार को पांचवा दिन है। शहर हो या गांव, लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। दूसरे प्रदेशों से मजदूरों की घर वापसी ने बिहार सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज अपने गांव और घरों तक बीमारी लेकर न पहुंचे इसके लिए सरकार ने उन्हें सीमावर्ती जिलों में ही रोकने का फैसला किया है। वहीं उनके रहने-खाने का इंतजाम किया जाएगा। पटना में भी कई जगह बाहर से आए लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है।
पटना: फल और सब्जी की कमी हो गईलॉकडाउन के चलते राजधानी में ताजे फल और सब्जी की कमी हो गई है। बाहर से ताजी सब्जियां कम आ रही हैं। ताजे फल आना बंद हैं। लॉकडाउन के बाद भी सुबह दीघा हाट पर लोगों की भीड़ दिखी। पटना में 10 मार्च के बाद विदेश से 940 लोग आए हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। रविवार को सैंपल लेने का काम शुरू हो गया। इनमें से अधिकतर लोग मिडिल इस्ट से आए हैं।
सीवान: यूपी से आए लोगों को रोका
सीवान जिले के गुठनी थाना क्षेत्र में स्थित बिहार-उत्तरप्रदेश की सीमा पर बने श्रीकरपुर चेक पोस्ट पर बसों से सैकड़ों कामगार परिवारों को छोड़ दिया गया है। दिल्ली से आए इन लोगों को पुलिस ने रोका है। कोरोना के संदिग्ध मरीज को रखने के लिए पटना के 12 निजी स्कूलों में क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी है। इन स्कूलों के प्रबंधकों ने डीएम को पत्र भेजकर खुद इसकी पेशकश की थी।
मुंगेर: उरम्बा गांव में दहशतकोरोना के चलते मुंगेर के उरम्बा गांव में दहशत है। इसी गांव के कोरोना मरीज की मौत हुई थी। शनिवार को उसके पड़ोस में रहने वाली एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे पहले मृतक के परिवार और पड़ोस के 2 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे। मुंगेर के 14 नए संदिग्धों का सैंपल लिया गया है।पर्यटकों की सूचना नहीं देने वाले होटल संचालकों पर केसगया में पुलिस ने 5 होटल संचालकों के खिलाफ केस किया है। इन्होंने होटल में रह रहे विदेशी पर्यटकों के बारे में सूचना नहीं दी थी। एहतियात बरतते हुए सभी पर्यटकों के स्वास्थ्य की जांच कराई गई, पर्यटक अगले आदेश तक होटल में ही रुकेंगे।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *