झारखण्ड विधानसभा का 20वां स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट विधायक के रूप में नलिन सोरेन सम्मानित

झारखण्ड विधानसभा का 20वां स्थापना दिवस रविवार को विधानसभा परिसर में मनाया गया.कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू और विशिष्ठ अतिथि सीएम हेमन्त सोरेन और स्पीकर रवीद्रनाथ महतो ने संयुक्त रूप से किया .मौके पर उत्कृष्ट विधायक के रूप में झामुमो विधायक नलीन सोरेन को सम्मानित किया गया.इसके अलावा राज्य के शहीदों के परिजनों, मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों और कोरोना वारियर्स को सम्मानित किया गया। नेता प्रतिपक्ष की मान्यता नहीं मिलने पर कार्यक्रम में BJP के मुख्य सचेतक विरंची नारायण को बुलाया गया। मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में राज्य ने कई उतार-चढ़ाव देखा है.बीते 10 महीने में इस कोरोनाकाल में सरकार ने कई चुनौतियों का सामना किया है.  इसके बाद भी कोरोना महामारी से निपटने में झारखंड ने देश में मिसाल पेश किया है। राज्य में न भय का माहौल बनने दिया गया और न ही किसी को भूखा मरने दिया गया। किसी तरह की अफरा-तफरी भी नहीं मची। कई राज्यों की स्थिति बहुत भयावह हो चुकी है।

सीएम ने कहा कि राज्य के अंदर कई ऐसे संसाधन हैं जिसके माध्यम से विश्व के स्तर पर इसे एक अलग पहचान दी जा सकती है। इस राज्य की आन्तरिक व्यवस्था को अवसर में बदलने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी है अनुशासित और शांतिप्रिय व्यवस्था कायम करने का। तभी राज्य के प्रति लोगों का आकर्षण भी बढ़ेगा और सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।

विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने कहा कि विधानसभा में समितियां तो बहुत बनती हैं लेकिन उनके संचालन के लिए अभी तक कोई नियमावली नहीं थी। इसके कारण कई समितियां कार्य नहीं कर पाती थी। इसे ध्यान में रखते हुए एक पारूप समिति का गठन किया गया जिन्होंने समितियों के लिए विशिष्ट नियमावली तैयार किया है.

विधानसभा से उत्कृष्ट विधायक के रूप में सम्मानित नलिन सोरेन ने कहा कि मुझे अपने क्षेत्र की जनता से लगातार प्यार मिला है.इसलिए लगातर सात बार जीतने का काम किया है.मैं अपने क्षेत्र की समस्याओं को लगातर विधानसभा में उठाने का काम किया हूँ. मसानजोड़ डेम की समस्या हो या हाईकोर्ट का बेच की की समस्याओं को मैंने समय-समय पर विधानसभा पटल पर रखा हूँ. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ मैंने झारखण्ड आन्दोलन में रहा. उनके साथ काम किया.

कार्यक्रम में नेताप्रतिपक्ष की जगह पर नेता विरोधी के सचेतक विरंची नारायण को बुलाया गया था.उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम में नेताप्रतिपक्ष बाबूलाल को यदि सदन मान्यता देती तो बहुत अच्छा होता.बैगेर नेताप्रतिपक्ष के यह कार्यक्रम अधुरा लगता है.

संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में झारखण्ड में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कई काम हुए हैं.उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को विधानसभा पटल पर रखना जनप्रतिनिधि का दायित्व है.लेकिन सदन में जनप्रतिनिधि जनता की मूल बातों को नहीं रखते हिन्.वैसे विधायकों को जनता अगली बार नकार देती है.सदन पाच दिन का हो या पचास दिनों का,जनता की समस्याओं पर चर्चा होना चहिये.

राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि आज का स्थापना दिवस पर हमसभी के लिए उपलब्धियों की प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ-साथ आत्मचिंतन करने का समय है. इस बीस वर्षों में हमने क्या खोया ही और क्या पाया है,इसपर चिंतन करने का समय है.राज्य की जनता हमारे कार्यों की अवलोकन करती है. उन्होंने कहा कि जनता पाने जनप्रतिनिधि का चयन बहुत ही आस्था और विश्वास के साथ करती है. जनप्रतिनिधियों को इस अपेक्षा और विश्वास को बनाये रखने की जरुरत है.

विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो ने कहा कि झारखण्ड विधानसभा का आज20 वां स्थापना दिवस है.इस बीस वर्षों में हमने क्या खोया और क्या पाया है,यह चिंतन का विषय है.देश कोरोना के संक्रमण से गुजर रहा है.इस संक्रमणकाल में भी झारखण्ड सरकार ने बेहतर ढंग से अपने लोगों की सेवा की है.साथ ही हमने विधानसभा में इसपर बहस भी कराया है.कार्यक्रम में विधानसभा वृतचित्र पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया गया.साथ उड़ान पत्रिका का विमोचन किया गया. 

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन महेंद्र प्रसाद के द्वारा किया गया.

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