झारखंडवासियों का रहनुमा बनने का ढोंग रचती रही है कांग्रेस और झामुमो : भाजपा

कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड की जनता का रहनुमा बनने का ढोंग रचती रही है। दोनों पार्टियां झारखंड वासियों के हितों की अनदेखी करती रही है। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने झारखंड वासियों के सपनों को बेचने का काम किया है वहीं कांग्रेस पार्टी खरीद-फरोख्त की राजनीति के तहत झारखंडी जनता के सपनों को चकनाचूर किया है। उक्त बातें कोल्हान प्रमंडलीय मीडिया प्रभारी और भाजपा मीडिया प्रबंधन समिति के सदस्य अजय राय ने कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और झामुमो के गठबंधन ने झारखंड को विनाश की ओर ढकेल दिया। महज अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए जनहित को कभी तवज्जो नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी ने झामुमो के साथ बेमेल गठबंधन कर जनहित को दरकिनार कर सिर्फ अपनी तिजोरी भरने का काम किया। वहीं झामुमो राज की भोली-भाली आदिवासी समुदाय के लोगों को दिग्भ्रमित कर अपना मतलब साधने में लगी रही।
उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार ने पांच साल में 28 लाख ‘सखियों’ को स्वरोजगार उपलब्ध कराकर नारी सशक्तिकरण का रिकार्ड बनाया।
57 लाख परिवारों को आयुष्मान भारत के तहत निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराकर स्वस्थ प्रदेश की ओर कदम बढ़ाया। सरकार ने 15 लाख से अधिक युवाओं को मुद्रा लोन देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत प्रदेश की 27 लाख बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया।
राज्य में 100 टेली मेडिसिन सेंटर की शुरुआत की, 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू कर प्रदेश में गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बनाई। स्टार्टअप के लिए युवाओं की सोच को आकार देने के लिए 2016 में स्टार्टअप पॉलिसी लागू किया।
पिछले पांच वर्ष में झारखण्ड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर स्थिर मूल्य पर 7.3 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि
झामुमो ने झारखण्ड के विकास को पहुंचाया गर्त में। वर्ष 2013—14 में राज्य की जीडीपी गिरकर 1.57 प्रतिशत पहुंच गई थी। वर्तमान में झारखण्ड की प्रति व्यक्ति आय 2018-19 में बढ़कर 76,019 रुपये हो गई है।
उन्होंने कहा कि झारखण्ड को लूटने वाले हेमंत सोरेन के समय झारखण्ड की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2013—14 में यह मात्र 46,554 रुपये ही थी। रघुवर सरकार ने वर्ष 2015-16 में कुल व्यय का 26 प्रतिशत लोककल्याणकारी कार्यों पर किया खर्च किया।
विकास कार्यों पर रघुवर सरकार द्वारा व्यय की दर अभी भी 25 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। वर्ष 2016—17 में शुरू हुआ 260 कृषि सिंगल विंडो सेंटर का लाभ किसानों को मिल रहा है।
सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2020 तक चरणबद्ध तरीके से 2650 मेगावाट क्षमता सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने का है लक्ष्य।
भाजपा सरकार में रुकी मजदूरी भुगतान के लिए क्षतिपूर्ति नियमावली, 2015 बनाकर मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान नहीं होने पर क्षतिपूर्ति के भुगतान का प्रावधान किया। मनरेगा के अंतर्गत काम की मांग के 15 दिनों के अंदर रोजगार प्राप्त न होने पर बेरोजगारी भत्ता देने के लिए बेरोजगारी भत्ता भुगतान नियमावली, 2015 का गठन किया गया। विधायकों की अनुशंसा पर ली जाने वाली योजना तथा मुख्यमंत्री विकास योजना का एकीकरण किया गया। प्रति विधायक विकास निधि के अंतर्गत देय वार्षिक राशि बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये की गई।
उन्होंने कहा कि विकास की दुहाई देने वाली झामुमो और कांग्रेस प्रदेश की जनता को बताए, अगर इतना विकास किया तो फिर झारखंड की जनता ने क्यों उखाड़ फेंका और आज भी क्यों ये भरोसे के संकट से जूझ रहे हैं।

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