क्रांति का रचनात्मक दस्तावेज है कांग्रेस का घोषणापत्रः सुबोधकांत

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने कांग्रेस के घोषणापत्र को ह्यक्रांति का रचनात्मक दस्तावेज ह्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जारी किये गये इस घोषणापत्र में देश के हर तबके को आगे बढ़ाने की सिर्फ परिकल्पना भर नहीं है, बल्कि उसे व्यावहारिक तौर पर धरातल पर उतारने का संकल्प भी है। इस घोषणापत्र की टैगलाइन ह्यहम निभायेंगेह्ण पार्टी के इसी संकल्प की अभिव्यक्ति है।

देश के 20 लाख गरीब परिवारों की महिला के खाते में प्रतिमाह 6 हजार रुपये की रकम डालने की ह्यन्यायह्ण  योजना का उल्लेख करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना देश के प्रख्यात अर्थशास्त्रियों से विमर्श के बाद पेश की गयी है। इसके व्यावहारिक पक्षों का अच्छी तरह अध्ययन किया गया है। रघुराम राजन जैसे अर्थशास्त्रियों ने माना है कि इसके सफल क्रियान्वयन से देश के 35 करोड़ गरीबों की जिंदगी बदल जायेगी। यह घोषणा भाजपा की कोरी गप्पबाजी नहीं है कि हर किसी के खाते में 15 लाख रुपये स्वतः पहुंच जायेंगे।

श्री सहाय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद सबसे ज्यादा अत्याचार किसानों पर हुए। कांग्रेस ने किसानों की कर्जमाफी से आगे बढ़कर उनकी कर्जमुक्ति का व्यावहारिक दृष्टिकोण घोषणापत्र में पेश किया है। किसानों के लिए अलग बजट, 22 लाख सरकारी नौकरियों की रिक्तियां भरने, केंद्रीय नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत देने, कारोबार करने वाले  युवाओं को तीन साल तक किसी लाइसेंस और सरकारी अनुमति की जटिल औपचारिकताओं से मुक्ति देने और मनरेगा मजदूरों को 100 के बजाय 150 दिन रोजगार देने की गारंटी जैसे कदम सामाजिक और आर्थिक बदलाव के वाहक बनेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जतायी कि देश की जनता कांग्रेस को व्यापक समर्थन देगी।

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