क्या हुआ अर्जुन मुंडा की सियासत का!

-भाजपा में अलग थलग किये जा रहे अर्जुन

झारखंड में रघुवर दास की सरकार खुद शराब बेचेगी इसे लेकर सत्ता पक्ष के अंदर भी बवाल मचा है. भाजपा की सहयोगी आजसू आए दिन बयान दे रही है कि इस सरकार का यह गलत फैसला है. अब इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ऐसे में विपक्ष भी मुंडा जी के इस बयान को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है.
अर्जुन मुंडा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है और कहा कि सरकार कहती है कि राजस्व ज्यादा आएगा. मुझे लगता है कि जितना सरकार को राजस्व नहीं आएगा, उससे ज्यादा दवा पर खर्च बढ़ेगा. सरकार का शराब बेचने का फैसला जनता के हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि संविधान में मध्यनिषेध की बातें भी भाग 4 के 47 में कही गई है. सरकार उसे क्यों नहीं धरातल पर उतार रही हैं.
स्टीफन मरांडी जेएमएम विधायक
जेएमएम के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि अर्जुन मुंडा अभी पार्टी के अंदर अकेले पड़ गए हैं. सरकार के कामकाज से नाराज विधायक भी अर्जुन मुंडा के साथ नहीं है. ऐसे में मुंडा जी के बात का इन दिनों सरकार कोई तवज्जो नहीं दे रही है. मरांडी ने यह भी कहा कि सरकार अपने हित में राज्य की जनता को विष पिलाने का काम कर रही है शराब के जरिए. सरकार को एक बार फिर इस पूरे मामले में पुनर्विचार करने की आवश्यकता है और सरकार को शराब पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लेना चाहिए.
आलमगीर आलम कांग्रेस विधायक दल नेता
कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम अर्जुन मुंडा के बयान को लेकर कह रहे है कि मैं उनके बयान का समर्थन करता हूं. यदि सरकार शराब बेचेगी तो इससे गरीबों को सबसे ज्यादा नुकसान होने वाला है. सभी पार्टी के नेता जनता से जुड़े हैं. शायद यही वजह है कि अर्जुन मुंडा बीजेपी में होते हुए भी जनता के दर्द के साथ हैं, ना की सरकार के साथ.

झारखंड में शराब बेचने को लेकर हर कोई विरोध में खड़ा है. बीजेपी के अंदर भी अर्जुन मुंडा जैसे लोग शराब बंदी के पक्ष में है. वैसे इस मसले पर अर्जुन मुंडा के साथ मिलने से विपक्ष खेमे को बड़ी ताकत जरूर मिल रही होगी.

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