कोरोना वायरस से बचाव को लेकर मेडिकल दुकानों ने मास्क और सेनिटाइजार की बिक्री बढ़ी

कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लोग संजीदा हो गये हैं.लोग मास्क लगाकर ही घर से निकल रहे हैं.इससे मेडिकल दुकानों में मास्क और सेनिटाइजार की बिक्री बढ़ गई है. इसके साथ ही कोरोना वायरस को लेकर कई तरह की गलत भ्रांतियां भी लोगों में फैलाई जा रही है.कोई लहसुन और गर्म पानी का सेवन की बात करता है तो कोई मुह में लोंग रखने की तो कोई गाय का मूत्र पीने की बात कर रहा है.लेकिन अभी तक चिकित्सको ने इसकी दवा का इजाद नहीं किया है.निमोनिया की वैक्सीन, जैसे-न्यूमोकोकल वैक्सीन व हीमोफिलस इनफ्लुएंजा टाइप बी वैक्सीन से इलाज नहीं हो सकता है।हां इससे बचने के लिए परहेज कुछ उपाय जरुर बताये गये हैं.जैसे मास्क का उपयोग,साफ-सफाई का धयान रखना,काम से काम 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोना प्रमुख रूप से हैं. साथ ही कोई भी व्यक्ति को यदि सर्दी जुकाम है तो उससे दूर रहना चाहिए.यह वायरस एक दूसरे से फैलता है. कोरोना वायरस से कई देश बुरी तरह से प्रभावित हों तो वहीं इसने भारत सहित कई देशों में अपनी दस्तक दे दी है। भारत के दिल्ली और कर्नाटक में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद देश के सभी राज्य इसे लेकर अलर्ट मोड में आ गए हैं। उत्तरप्रदेश की सरकार ने जहां इसे महामारी घोषित कर दिया है तो वहीं बिहार सरकार ने भी इसके एहतियातन बड़े कदम उठाए हैं।

बिहार में स्कूल-कालेज, शिक्षण संस्थान 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं तो वहीं स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर अलर्ट है। सरकार ने इसे लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया है।

वहीं, अब इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की भ्रांतियां भी फैलाई जा रही हैं। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (हऌड) ने लोगों को इनसे सतर्क रहने की अपील करते हुए कुछ मिथकों को दूर करने की कोशिश की है। 

1. मच्छरों से नहीं फैलता कोरोना- मच्छरों से कोरोना वायरस नहीं फैलता। यह एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो छींक या खांसी से फैलता है। जब कोई छींकता या खांसता है तो उसके मुंह या नाक से निकलने वाली थूक की बूंदों से यह दूसरे लोगों को संक्रमित करता है। इसलिए अपने हाथ साफ रखें और मास्क लगाएं।

2. सैलाइन से नाक साफ करें तो बच जाएंगे- अभी तक ऐसे सबूत नहीं मिले हैं जिससे पता चले की सैलाइन (एक तरह का द्रव्य) से नाक साफ करने पर आपको कोरोना के संक्रमण से निजात मिलेगी।

3. ठंडी या बर्फ में कोरोना वायरस नहीं मरता- कोई भी वायरस तभी खत्म होता है जब उसके अनुकूल वातावरण न मिले। बर्फ से वायरस के मरने की बात कोरी कल्पना है। इंसान के शरीर का तापमान बाहरी वातावरण से ज्यादा प्रभावित नहीं होता।

4. अल्कोहल या क्लोरीन छिड़कने से राहत मिलेगी- बिल्कुल नहीं, अल्कोहल या क्लोरीन सिर्फ शरीर के ऊप से सफाई करते हैं, जबकि कोरोना वायरस शरीर के अंदर जाकर बीमार बनाता है। यह सिर्फ शरीर के अंदर जानेवाली दवाइयों से ठीक हो सकता है। यह सिर्फ बचाव का तरीका हो सकता है लेकिन शरीर की बाहरी त्वचा के लिए। 

5.अल्ट्रा वायलेट लैंप से मर जाएगा वायरस- कोरोना पूरी तरह से अलग वायरस है। अभी इसकी दवा नहीं खोजी गई है। 

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *